गाजियाबाद। जीडीए बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद अब मास्टर प्लान-2031 का परीक्षण लखनऊ में उच्चाधिकारियों की समिति करेगी। इसके लिए जीडीए अधिकारियों ने मास्टर प्लान का एक बार फिर स्थानीय स्तर पर परीक्षण शुरू कर दिया है। जल्द ही मास्टर प्लान की प्रति लखनऊ भेज दी जाएगी और वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। अब जनवरी में इसके लागू होने की संभावना है।
पहली बार जीआईएस सर्वे के आधार पर बनाए गए मास्टर प्लान-2031 में सभी मानकों का ख्याल रखा गया है। बार-बार इसकी समीक्षा कर खामियों को दूर भी कराया गया। इसकी वजह से मास्टर प्लान का फाइनल ड्राफ्ट जीडीए बोर्ड बैठक से स्वीकृत होने में देरी भी हुई। अब इस मास्टर प्लान की समीक्षा लखनऊ में शासन स्तर पर गठित तकनीकी समिति करेगी। यह समिति देखेगी कि मानकों के अनुरूप मास्टर प्लान में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, ग्रीन बेल्ट भू-उपयोग का प्रावधान किया गया है या नहीं। इसके अलावा मास्टर प्लान में आने वाले 10 वर्ष में बढ़ने वाली आबादी के अनुरूप विकास का खाका खींचा गया है या नहीं। जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जल्द ही मास्टर प्लान-2031 शासन को भेज दिया जाएगा। वहां इसके परीक्षण के बाद स्वीकृति मिलने पर इसे लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक जोन का जोनल प्लान तैयार कराया जाएगा।