मीडिया सेंटर पर पत्रकार वार्ता करते नरेंद्र कश्यप
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पुत्रवधू की मौत के मामले में डासना जेल से जमानत पर बाहर आए पूर्व सांसद नरेंद्र कश्यप अब गरीब व बेसहारा बंदियों की मदद करेंगे। उन्होंने अपनी पुत्रवधू के नाम पर हिमांशी कश्यप फाउंडेशन का गठन किया है।
कश्यप ने प्रेसवार्ता कर बताया कि अकेले जिला कारागार डासना में सैकड़ों ऐसे बंदी हैं, जो मामूली जुर्माना अदा न करने के कारण जेल में पड़े हैं। वहीं, कई ऐसे भी बंदी हैं, जिन्हें अदालत से जमानत का आदेश तो मिल गया है लेकिन जमानती न होने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पा रही।
कई कैदी गरीबी के चलते अच्छे व महंगे वकील नहीं कर पाते, जिसके चलते उनको न्याय नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि अब उनका संगठन अधिवक्ताओं की टीम के साथ गरीब बंदियों की मदद करेगा।
कश्यप ने कहा कि जेल में रहकर उन्होंने महसूस किया कि जेलों में व्यापक स्तर पर बदलाव की जरूरत है। उन्होंने अंग्रेजों के जमाने के जेल मैन्यूल में बदलाव करने पर जोर दिया।
उन्हाेंने बताया कि हिमांशी कश्यप फाउंडेशन के उपाध्यक्ष पवन कश्यप, ओमप्रकाश कश्यप, महासचिव विजय धामा, सचिव रवि कश्यप, लेखाकार चमन कश्यप व कोषाध्यक्ष मोनू कश्यप बनाए गए हैं।