गाजियाबाद। अब आंखों की पुतलियों की पहचान कर बैनामे किए जाएंगे। यह निर्णय लोगों के आधार कार्ड अपडेट न होने से बैनामे में आ रही परेशानी को देखते हुए लिया गया है। इसके लिए सभी सब रजिस्ट्रार कार्यालयों के सॉफ्टवेयर अपडेट किए जा रहे हैं।
एक फरवरी से आधार वेरिफिकेशन के बाद ही बैनामे किए जा रहे हैं, लेकिन जिनके आधार कार्ड पुराने हैं और पिछले दस वर्षों से जिनको अपडेट नहीं किया गया है। उनके वेरिफिकेशन में समस्या आ रही है। इस समस्या की वजह से शुरुआती कुछ दिनों में लोगों को बिना बैनामा कराए ही लौटना पड़ रहा था। इसलिए अब जिनके आधार वेरिफिकेशन नहीं हो रहे हैं उनके आंखों की पुतलियों की पहचान करके वेरिफिकेशन किया जाएगा। एआईजी स्टांप पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि आई स्कैनर की सुविधा के लिए साफ्टवेयर को अपडेट किया जा रहा है। अगले कुछ दिनों में आई स्कैन करने की व्यवस्था भी शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बैनामा कराने आने वालों लोगों से यह भी अपील की जा रही है कि अगर उन्होंने अपने आधार कार्ड को अपेडट नहीं कराया है तो वह इसको अपडेट करा लें। जमीन की रजिस्ट्री से पहले आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। अब क्रेता, विक्रेता और गवाहों के बायोमेट्रिक को आधार डेटाबेस से मैच किया जा रहा है और मैच होने के बाद ही बैनामा किया जा रहा है। इसके लिए हर निबंधन कार्यालय में तीन-तीन बायोमिट्रिक आरडी डिवाइस लगाई जा चुकी है। अब आई स्कैनर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।