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नहीं मिल पा रहा, इलाज भटकने को मजबूर

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मरीजों को नहीं मिल पा रहा, इलाज भटकने को मजबूर - सरकारी हो या प्राइवेट सभी कर रहे इधर से उधर माई सिटी रिपोर्टर  गाजियाबाद। डासना निवासी युवक को लॉकडाउन में इलाज न मिल पाने के कारण इधर- से उधर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ा। आरडीसी स्थित हर्ष ईएनटी अस्पताल के डॉ. बीपी त्यागी की सहायता से उसकी जान तो बच गई लेकिन, अभी भी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पहले दिन एंबुलेंस प्राइवेट से लेकर सरकारी तक कई अस्पतालों में घूमती रही, लेकिन कहीं भर्ती नहीं हुआ। सीएमओ के निर्देश पर एमएमजी में भर्ती किया गया, वहां पर समुचित इलाज न मिलने से उसे गणेश अस्पताल में भर्ती किया गया है।  डासना में रहने वाले यूसुफ (28) की हालत मंगलवार दोपहर से खराब होनी शुरु हुई थी। उसके पेट में दर्द के अलावा चक्कर आने की परेशानी हो रही थी। यूसुफ के परिजनों ने आसपास में डॉक्टर की तलाश की लेकिन, कोई नहीं मिला। फोन पर भी किसी डॉक्टर से संपर्क नहीं हो सका। बाद में सीनियर ईएनटी सर्जन डॉ. बीपी त्यागी से उनका संपर्क हुआ। उन्होंने मरीज को क्लिनिक पर बुलाया। डॉ. त्यागी के अनुसार मरीज का बीपी काफी कम था और हालत गभीर थी। उन्होंने प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे जिला एमएमजी अस्पताल भेजा, जहां पहले तो डॉक्टर ने उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया लेकिन, बाद में सीएमओ के निर्देश पर उसे भर्ती किया गया। हालांकि अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद डॉ. बीपी त्यागी की सहायता से उसे गणेश अस्पताल में भर्ती करवाया गया। गणेश अस्पताल में फिलहाल उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ है। ---------------
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