लोनी। रूप नगर कॉलोनी में पटाखा फैक्टरी के धमाके से घायल हुए नूरी का इलाज कराने के लिए परिजनों को कर्ज लेना पड़ रहा है। दिल्ली जीटीबी अस्पताल के इलाज से संतुष्ट नहीं होने पर परिजन मेरठ के हकीम से इलाज करा रहे हैं। हकीम ने नूरी को 2 माह में पूरी तरह ठीक करने का दावा किया है।
नूरी की मां अनीशा बेगम ने बताया कि 23 सितंबर को पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके में उनकी बेटी झुलस कर घायल हो गई थी। घायल को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इलाज से संतुष्ट नहीं होने पर परिजन 30 सितंबर को नूरी को बीच इलाज से घर ले आए थे। नूरी के शरीर पर जलन हो रही थी। परिजनों ने घर पर ही इलाज कराने को कहा था। बारूद से झुलसे मरीजों को ठीक करने वाले मेरठ के एक हकीम से परिजनों ने संपर्क किया था। हकीम लोनी आया और नूरी को देखा था। नूरी 75 फीसदी से अधिक मात्रा में झुलस चुकी थी। हाथ, पैर, चेहरा समेत शरीर के कई अंदर झुलस चुके थे। हकीम ने 2 माह के अंदर नूरी को ठीक करने का दावा किया। हकीम दूसरे दिन लोनी आकर नूरी की पट्टी कर रहा है। नूरी को लगाने के लिए देशी दवाइयों से बने सफेद मरहम और दवाई दी। हकीम एक बार लोनी आने के 3500 रुपये लेता है। परिजनों ने कहा कि हकीम की पहली पट्टी से ही नूरी को आराम आने लगा था। 10 दिनों से इलाज चल रहा है। अब नूरी को ना जलन है और दर्ज भी कम हैं। नई खाल आनी शुरू हो गई है।
आसपास के लोगों से कर्ज लेकर करा रहे इलाज
नूरी के पिता दीनमोहम्मद मजदूरी करते हैं। मां फैक्टरियों से आने वाली पेंटों के धागे काटती है। परिवार बहुत गरीब है। नूरी का इलाज बहुत महंगा हो रहा है। इलाज ना टूटे इसके लिए परिजन अब कर्ज ले रहे हैं। परिजनों का कहना है कि 19 दिनों के अंदर वह करीब 35 हजार रुपये कर्ज ले चुके हैं। कई भी मदद नहीं कर रहा है। कांग्रेस नेता डाली शर्मा आई थी, उन्होंने 5 हजार रुपये की मदद की थी। उन्होंने अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।