गाजियाबाद। मसूरी क्षेत्र में एक झोलाछाप की शिकायत करने पर कार्रवाई करने के बजाय नोडल अधिकारी ने बयान दर्ज कराने के बहाने सीएमओ कार्यालय में बुलाकर शिकायतकर्ता को धमकाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री से की है। मसूरी निवासी मोहम्मद कौसर ने ढबारसी गांव में बिना डिग्री मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे झोलाछाप की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। आरोप है कि झोलाछाप के एक नोडल अधिकारी ने मोहम्मद कौसर को बयान देने के लिए सीएमओ कार्यालय बुलाया। कार्यालय में पहुंचने पर डॉक्टर ने उन्हें कमरे में बैठाकर बुरी तरह से धमकाया। इस तरह की शिकायतें नहीं करने की हिदायत दी। दोबारा शिकायत करने पर परिणाम भुगतने की भी बात कही। आरोप यह भी है कि नोडल अधिकारी ने झोलाछाप डॉक्टर की जांच करने या फिर उनका बयान दर्ज करने की जगह उन्हें धमकाकर कार्यालय से ही भगा दिया। मामले में मोहम्मद कौसर ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पूरी बात बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि ऐसा नहीं हो सकता है कि किसी को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जाए और उसे डॉक्टर धमकाकर भगा दें। हो सकता है शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने में लापरवाही की गई हो। पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसीएमओ डॉ. चरन सिंह को सौंपी है। जल्द ही मामले का निस्तारण किया जाएगा।