गाजियाबाद। पीएम आवासीय योजना में मकान दिलाने के नाम पर 220 लोगों से 3.30 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। आरोपी ने लोगों से योजना में पंजीकरण के नाम पर 15-15 सौ रुपये लेकर फर्जी फॉर्म भरवाए लेकिन प्रक्रिया ही नहीं की। पीड़ितों ने जब मकान के बारे में पूछा तो आरोपी धमकी देने लगे। अब शातिरों के फोन बंद आ रहे हैं। मामले में सुनीता ने पुलिस आयुक्त से शिकायत कर मधुबन बापुधाम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
मूलरूप से उत्तराखंड की रहने वाली सुनीता का कहना है कि कि पिछले नौ साल से वह दुहाई में किराये के मकान में रहती हैं। उनका कहना है कि 2023 में उनकी मुलाकात राकेश से हुई थी। राकेश ने खुद के आयकर विभाग का कर्मचारी बताया और प्रधानमंत्री आवासीय योजना के एमडी से अच्छी जान पहचान होने की बता कही। मकान दिलाने का झांसा देकर उसने उनका पंजीकरण कराया। इसके बाद उसने उनसे अन्य लोगों के फार्म भरवाने की बात कही, जिसमें उसने कमीशन देने का वादा किया। सुनीता का कहना है कि उन्होंने अपनी एक परिचित के साथ मिलकर करीब 220 लोगों के फार्म भरवा दिए।
प्रत्येक फार्म पर रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में 1500 रुपये लिए। विश्वास दिलाने के लिए राकेश ने फोन पर हरीश उर्फ एमडी से भी बात करवाई। इसके बाद राकेश और हरीश ने उन्हें काशीपुर और मुरादाबाद बुलाया। जहां उनसे एक लाख रुपये नकद लिए गए बाकी रकम बैंक में जमा कराई। 17 अप्रैल 2023 को तीसरी बार रुपये देने के बाद से राकेश और हरीश दोनों ने फोन बंद कर लिए। आरोप है कि दोनों ने उन्हें कमीशन भी नहीं दिया। अब मकान बुक करवाने वाले उन्हें परेशान कर रहे हैं। मामले में उन्होंने हरीश, राकेश और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है।