साहिबाबाद। मुआवजे की मांग पर अड़े कनावनी गांव के किसान 36 दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। किसानों ने अब सुनवाई न होने पर दोबारा न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं।
किसानों ने आरोप लगाया कि जीडीए ने फेज-1 के लेआउट में ऐसी भूमि शामिल की है, जिसके अधिग्रहण को वे न्यायालय के आदेशों के कारण समाप्त मानते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस भूमि पर नीलामी या अन्य कार्रवाई होने पर वे न्यायालय जाएंगे। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। धरना स्थल पर कैलाश नागर, भीम राज नागर, चंद्र नागर, भगत सिंह, धनेश्वर शर्मा, जगदीश शर्मा, सुखबीर नागर, बाबू नागर, श्याम सिंह प्रवीण नागर और अशोक कसाना सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसानों की प्रमुख मांगें
किसानों की मुख्य मांग है कि राजस्व अभिलेखों में उनके नाम बहाल किए जाएं। साथ ही, भूमि से संबंधित न्यायालय की स्थिति स्पष्ट होने तक जीडीए कोई आगे की कार्रवाई न करे। किसानों ने कहा कि आसपास के गांवों से मिल रहे, समर्थन से उनका आंदोलन मजबूत हो रहा है। उनका संघर्ष शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।