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निर्माण कार्य न होने से फीकी पड़ी मार्बल कारोबार की चमक

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निर्माण कार्य न होने से फीकी पड़ी मार्बल कारोबार की चमक - 2 महीने की बंदी में 400 करोड़ से ज्यादा का झेला नुकसान - दुकानें खुलीं लेकिन गायब हैं ग्राहक, नहीं मिल रहे श्रमिक - नेहरूनगर, कालकागढ़ी चौक पर है सबसे बड़ा बाजार माई सिटी रिपोर्टर गजियाबाद। जिले में मार्बल कारोबार की चमक लॉकडाउन के चलते फीकी पड़ गई है। करीब दो महीने की बंदी के बाद खुले बाजार को निर्माण कार्य ना होने के चलते ग्राहक नहीं मिल पा रहे हैं। बाजार में श्रमिकों का भी टोटा बना हुआ है। कारोबारियों का कहना है कि दो महीने की बंदी के दौरान लगभग 400 करोड़ रुपए का नुकसान मार्बल पत्थर कारोबार को हुआ है। नेहरूनगर, कालकागढ़ी चौक पर गाजियाबाद का सबसे बड़ा पत्थर बाजार है। यहां करीब 50 से अधिक दुकानों में राजस्थान सहित अन्य राज्यों से मार्बल पत्थर आता है। कारोबारियों को लॉकडाउन-4 में प्रशासन के रोस्टर के अनुसार दुकानें खोलने की अनुमति मिल गई है लेकिन कारोबार की गति अभी बेहद सुस्त है। कारोबारियों का कहना है कि हर महीने लगभग ढाई सौ करोड़ का कारोबार मार्बल पत्थर बाजार करता है। रियल स्टेट में मंदी, छोटे बिल्डर प्रोजेक्ट अहरु न होने सहित अन्य जगह निर्माण कार्य ना होने से बाजार की रौनक अभी नहीं लौट सकी है। इसके अलावा बाजार में करीबन तीन हजार से अधिक लेबर, ड्राइवर कार्य करते हैं। इनमें से महज काम पर 200 से 250 श्रमिक ही आ रहे हैं। ऐसे में कुछ जगह से मिल रहे आर्डर की सप्लाई भी कारोबारी नहीं दे पा रहे हैं। --- राजस्थान से भी आवक है बाधित: मार्बल पत्थर की सबसे अधिक आवक राजस्थान के जिलों से गजियाबाद में है। मार्बल व्यापार संघ के अनुसार राजस्थान के जयपुर सहित कुछ शहरों में कोरोना के केस ज्यादा होने के चलते जिन कारोबारियों ने आर्डर दिया था, वह भी नहीं आ पा रहा है। --- पांच से सात प्रतिशत घाटे हैं रेट: बाजार में मार्बल पत्थर की डिमांड न होने से रेट भी पांच से सात प्रतिशत तक काम हुए हैं। कारोबारियों का कहना है कि माल भाड़ा भी घटने से पत्थर का रेट कम हुआ है। --- मार्बल का काम लेबर पर अत्यधिक निर्भर है। लॉकडाउन के दौरान लेबर बाजार में नहीं है। निर्माण कार्य के रफ्तार न पकड़ने तक कारोबार गति नहीं पकड़ेगा। सुनील गोयल, अध्यक्ष गजियाबाद मार्बल व्यापार संघ --- बाजार सभी सुरक्षा नियमों के साथ खुल गए हैं लेकिन अभी काम बाजारों में आना शुरू नहीं हुआ डिमांड ना होने से कारोबार की गति सुस्त है। - रवि गोयल, कारोबारी --- गजियाबाद में हर क्षेत्र में श्रमिकों की जरूरत है। निर्माण कार्य और बाजार की चेन भी ऐसे ही जुड़ी है। रियल एस्टेट के शुरू होने से कारोबार बढ़ेगा। - शोभित बंसल, कारोबारी --- बाजार पहले ही बंदी के दौरान नुकसान झेल चुके हैं। अब धीरे-धीरे कारोबार खुलना शुरू हुए हैं। अगस्त तक पत्थर कारोबार बढ़ सकता है। - शरद गर्ग, कारोबारी -------
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