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पार्षद-सुपरवाइजर नहीं मेहरबान, पब्लिक है परेशान

Fri, 16 Sep 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
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नगर ‌निगम - फोटो : अमर उजाला
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डेंगू-चिकनगुनिया बुखार से शहर में हाहाकार मचा हुआ है और पार्षद-सुपरवाइजर हैं कि छोटी मशीनों को दबाए बैठे हैं। शहर में बड़ी मशीनों से मुख्य मार्गों पर तो फॉगिंग हो रही है, लेकिन छोटी गलियों में मशीनें नहीं पहुंच रही हैं।
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निगम अधिकारियों ने छोटी मशीनें पार्षदों और सुपरवाइजरों के हवाले कर उन पर फॉगिंग की जिम्मेदारी डाल दी है, लेकिन पार्षद और सुपरवाइजर हैं कि कालोनियों में फॉगिंग ही नहीं करा रहे।

निगम ने 80 वार्डों के लिए 80 छोटी फॉगिंग मशीनें खरीदीं थीं। इन मशीनों को वार्ड पार्षदों और सुपरवाइजरों के हवाले कर दिया गया है। निगम अधिकारियों के मुताबिक प्रत्येक छोटी मशीनों को 5 लीटर डीजल, डेढ़ लीटर पेट्रोल और मैलाथियान दवा दी जाती है।
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इतने डीजल और पेट्रोल में यह मशीन करीब दो घंटे फॉगिंग कर सकती हैं, लेकिन अधिकांश वार्डों में यह मशीनें चल ही नहीं रही हैं। मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मच्छरों से परेशान लोग नगर निगम और पार्षदों से शिकायत कर थक चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।

तीन दिन से ‘अमर उजाला’ ने फॉगिंग पर सीरीज शुरू की तो शहर के सैकड़ों लोगों ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर व्यथा सुनाई। जानकारी के मुताबिक नगर निगम की छोटी मशीनें कहीं पार्षदों के दफ्तरों में पड़ी धूल फांक रहीं हैं तो कही यह पार्षदों के हाथ भी नहीं आ रहीं। सुपरवाइजर भी मशीन मिलने से इंकार कर रहे हैं। पार्षदों-अधिकारियों और सुपरवाइजरों के बीच जनता बेवजह पिस रही हैं।

पार्षद बोले
मशीन मेरे पास नहीं सुपरवाइजर के पास है। कई बार कहने के बावजूद सुपरवाइजर अभी तक मशीन लेकर नहीं आया। बृहस्पतिवार को फोन कर सुपरवाइजर से मशीन मंगाई है। शुक्रवार से अपने सामने फॉगिंग कराऊंगा। - वीरेंद्र चौधरी, पार्षद, चिरंजीव विहार

छोटी मशीन मेरे पास तक पहुंची ही नहीं है। सुपरवाइजर और निगम अधिकारी ही फॉगिंग कराते हैं। मुझसे इस संबंध में निगम की ओर से सपंर्क भी नहीं किया गया। फॉगिंग न होने की शिकायत कई बार कर चुका हूं, फॉगिंग नहीं कराई जा रही। - जाकिर सैफी, पार्षद कैला भट्ठा

मेरे वार्ड में फॉगिंग मशीन लगातार चल रही है। बड़ी मशीनों से मुख्य मार्गों पर और छोटी मशीनों से कालोनियों में फॉगिंग कराई जा रही है। कुछ क्षेत्र अभी फॉगिंग किए बिना रह गए हैं। उन्हें भी शेड्यूल में शामिल किया गया है। जल्द ही पूरे वार्ड का शेड्यूल पूरा हो जाएगा। - राजेंद्र त्यागी, पार्षद, राजनगर क्षेत्र

अधिकारी बोले
छोटी मशीनें पार्षद और सुपरवाइजरों के अधिकार क्षेत्र में दी गई है, ताकि वह जरूरत के मुताबिक अपने हिसाब से फॉगिंग करा सके। कोई पार्षद अगर शिकायत देते हैं कि सुपरवाइजर उनके क्षेत्र में फॉगिंग नहीं कर रहा है तो जांच कराकर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - डॉ.आरके यादव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

मैसेज कर खोली फॉगिंग की पोल
दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी शहर के लोगों ने ‘अमर उजाला’ को मैसेज कर फॉगिंग अभियान की पोल खोली। अधिकांश लोगों का कहना है कि कालोनियों में पूरे सीजन में एक बार भी फॉगिंग नहीं हुई। रीमा डासना गेट, अंकुर सेक्टर-3 वसुंधरा, जेएस चंदेल राजनगर सेक्टर-13, विकास शर्मा ए ब्लाक संजय नगर, शालिनी जी-ब्लाक महिंद्रा एंकलेव, डीएन दूबे एच ब्लाक शास्त्री नगर, सरोज चौहान सेक्टर-5 चिरंजीव विहार, दीपक शर्मा राधा कुंज नंदग्राम, महावीर सिंह सी ब्लाक गोविंदपुरम, मयूर त्यागी शंकर विहार मुरादनगर, अरुण गोयल सेक्टर-2 चिरंजीव विहार, रविंद्र सिंह इकबाल कालोनी पसौंडा, आरके त्यागी वैशाली सेक्टर-3, संदीप कुमार कोटगांव फाटक, मोनू भारद्वाज नूरनगर, ललित कसाना शहीद प्यारे लाल कालोनी लाजपतनगर, सोनू भाटी लालकुआं, अंशुल हरवंश नगर, अरुण कुमार जैन व प्रभाकर द्विवेदी सेक्टर-16 वसुंधरा, राकेश शर्मा सेक्टर-7 चिरंजीव विहार, प्रवीन चौधरी के ब्लाक शास्त्री नगर, कृपाल सिंह सेक्टर-2 राजनगर, एसएन शर्मा सेक्टर-2 राजेंद्र नगर, रणबीर सिंह नीतिखंड-प्रथम, अशोक चंद्र राजकुंज राजनगर, भीकम सिंह पटेल नगर-सेकेंड, केएस चौहान सेक्टर-5 वैशाली ने बताया उनके क्षेत्र में एक बार भी फॉगिंग नहीं हुई।
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