गाजियाबाद। महापौर सुनीता दयाल ने सोमवार को नंदग्राम स्थित नगर निगम की भूमि का निरीक्षण किया। जांच के दौरान निगम की भूमि से कब्जा हटवाने का आदेश देने के साथ ही उन्होंने धोखाधड़ी से निगम की जमीन बेचने वाले मुकेश त्यागी, नवीन त्यागी, विकास त्यागी, अवधेश त्यागी, नंदू त्यागी, विनोद त्यागी, आरडी त्यागी, शिव कुमार त्यागी, धर्मपाल प्रजापति पर एफआईआर दर्ज
कराने के आदेश दिए।
महापौर ने बताया कि संगम विहार, मरियम नगर और नंदग्राम में 100 बीघा से भी अधिक भूमि पर भूमाफियाओं ने कब्जा करके प्लाट काट दिया। जिसकी सूचना के बाद वार्ड छह की पार्षद छाया त्यागी और नगर निगम के अधिकारियों के साथ उन्होंने मौके पर जांच की। जांच में खसरा नंबर 207, 208, 172, 142, 167, 98, 95, 1082, 87, 88, 113, 117, 60 व 74 की अधिकांश भूमि पर प्लाट काटकर बेच दिया गया था। इस भूमि पर मकान भी बन गए थे। कुछ भूमि खाली भी पड़ी थी, जिसमें
उन्होंने सब्जी उगा रखी थी।
कुछ भूमि को खेती के लिए किराए पर दे दिया गया था। नए बने मकान मालिकों को बुलाकर जानकारी ली, तो पाया कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। ऐसे में सात लोगों को चिह्नित करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि निगम के पांच सौ करोड़ की सौ बीघे से अधिक भूमि पर कब्जा हो चुका है। निरीक्षण के दौरान भूमि बेचने वाले नौ लोगों का नाम प्रकाश में आया। जिस पर नंदग्राम थाना प्रभारी को मौके पर बुलाकर एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।
-पहले भी निगम कर चुका है कार्रवाई-
महापौर ने बताया कि नगर निगम ने अपनी भूमि को खाली कराने के लिए मरियम नगर में 500 गज पर बने मकान को सील किया था। इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन जांच के दौरान उक्त भवन में नगर निगम के
लिखे नाम को छिपाकर हॉस्टल का संचालन होता मिला। जिस पर हॉस्टल मालिक ईश्वर त्यागी, आयुब को हॉस्टल खाली कराने के साथ ही निगम के अधिकारियों को कार्रवाई का आदेश दिया गया।