सावन का तीसरा सोमवार होने के कारण दूधेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया गया। इसके चलते करीब नौ घंटे तक गौशाला अंडरपास से वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहा।
गौशाला अंडरपास और घंटाघर से जस्सीपुरा मोड़ तक भी डायवर्जन किया गया था।
इस दौरान वाहनों को एनएच-24, सादिक की पुलिया और चिपियाना फाटक के रास्ते निकाला गया। इससे गौशाला अंडरपास से दिल्ली-नोएडा आने-जाने वालों को दिक्कत हुई। घंटाघर पर भी वाहन जाम में फंसे रहे।
दोपहर 12 बजे के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ कम हो गई। इसके बाद गौशाला अंडरपास वाहनों के लिए खोला गया, तब जाकर यातायात सामान्य हुआ। बता दें कि सावन के हर सोमवार को गौशाला अंडरपास वाहनों के लिए तड़के तीन बजे से दोपहर 12 बजे तक बंद कर दिया जाता है।
ऐसे में गौशाला अंडरपास होकर जाने वालों को या तो 10 किमी लंबे फेर से एनएच-24 से जाना पड़ता है या फिर सादिक की पुलिया से। इस दौरान करीब नौ घंटे तक शहर दो हिस्सों में बंटा रहता है।