गाजियाबाद में एनजीटी ने हिंडन नदी में बढ़ते प्रदूषण पर कड़ा रुख अपनाया है। अधिकरण ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को उन अधिकारियों के नाम और पूर्ण विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हिंडन नदी में बढ़ते प्रदूषण पर कड़ा रुख अपनाया है। अधिकरण ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को उन अधिकारियों के नाम और पूर्ण विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है जिनके खिलाफ प्रदूषण उल्लंघन के लिए शिकायतें दर्ज की गई हैं।
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यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने मूल आवेदन संख्या 859/2022 और इससे जुड़े एक अन्य आवेदन की सुनवाई के दौरान दिया।
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मामले का मुख्य विषय हिंडन नदी में प्रदूषण और विभिन्न जिलों में बिना शोधिक सीवेज का पानी डालने से संबंधित हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा दाखिल हलफनामे में हिंडन नदी के प्रवाह क्षेत्र से जुड़े गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जिलों में सीवेज शोधित कर पानी हिंडन में बहाए जाने की बात कही थी।
लेकिन यह नहीं बताया गया था कि पानी सीवेज का पानी शोधित करने और हिंडन में गिराने की समय सीमा क्या है। ऐसे में अगले हलफनामे में स्पष्ट समय-सीमा बताने का निर्देश दिया गया है।