फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गाजियाबाद में अब नहीं दौड़ेंगी डीजल बसें

Tue, 28 Feb 2017 01:13 AM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
विज्ञापन
ngt - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए शहर और संबंधित ग्रामीण इलाकों में सिर्फ सीएनजी युक्त सिटी बसें ही चलेंगी। रीजनल ट्रांसपोर्ट अथारिटी (आरटीए) की बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह निर्णय लिया है।  सभी आरटीओ को निर्देश दे दिए गए हैं, यदि कोई डीजल बस सड़क पर चलती हुई मिली तो उसे तुरंत जब्त किया जाए।
विज्ञापन


फिलहाल धौलाना व गुलावठी रूट पर सबसे ज्यादा डीजल बसें चल रही हैं।प्रदूषण की मार से दो चार हो रहे गाजियाबाद वालों को अब शानदार और सीएनजी बसों की सवारी मिलने वाली है। इसे एनजीटी का खौफ कहें या पर्यावरण की जरूरत, परिवहन अधिकारियों ने आनन-फानन में हुई बैठक में यह फैसला सुना दिया है।

एक मार्च से सघन अभियान भी शुरू हो जाएगा, जो डीजल बसों को बाहर का रास्ता दिखाएगा।एनजीटी गाजियाबाद समेत समूचे एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए तमाम कोशिशों में जुटा है।  इसमें जहां प्रदूषण करने वाले वाहनों की धरपकड़ की जा रही है। वहीं सीएनजी वाहनों को ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है।
विज्ञापन


एआरटीओ (प्रशासन) विश्वजीत सिंह ने बताया कि आरटीए की बैठक का फैसला महत्वपूर्ण है। इसमें तय किया गया है कि शहर में अब कोई डीजल वाली सिटी बस नहीं चलेगी। इस समय शहर समेत ज्यादा ग्रामीण रूट ऐसे हैं, जहां पर डीजल बसें संचालित की जा रही हैं।

21 फरवरी को मिले सरकारी आदेश के मुताबिक अब इस आदेश के बाद डीजल की बसों को चरणबद्ध तरीके से बाहर किया जाएगा।  अथॉरिटी ट्रांसपोर्टरों को आरटीए के निर्देश बताएगी ताकि वह जल्द से जल्द अपनी बसों को सीएनजी में कनवर्ट करा सकें।

 एआरटीओ विश्वजीत सिंह ने बताया कि डीजल वाहनों से सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलता है। साथ ही ट्रांसपोर्टर समय पर बसों की फिटनेस जांच भी नहीं कराते हैं, जिससे ये और खतरनाक हो जाता है। फिटनेस न होने से वाहनों से निकलने वाली हानिकारक गैस के कारण प्रदूषण जानलेवा स्तर तक पहुंच रहा है।
विज्ञापन


यही वजह है कि इसे रोकने के लिए ही सभी रूटों पर सीएनजी बसें चलाई जाएंगी।

शहर में दौड़ रहीं 248 डीजल बसें
आरटीओ से मिले आंकड़ों के मुताबिक गाजियाबाद में डीजल वाली बसें 248 हैं। जबकि बुलंदशहर में 289 व गौतमबुद्धनगर में 120 डीजल की बसें चल रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें