कौशांबी अपार्टमेंट रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (कारवा) की ओर से डाली गई अवमानना की याचिका पर एनजीटी ने डीएम, एसएसपी, पीसीबी और रोडवेज को फटकार लगाई है। इसके साथ ही इन पर लगे पांच लाख रुपये के जुर्माने को माफ करने की अपील भी खारिज कर दी है। यही नहीं, दो सप्ताह में जुर्माना अदा करने का निर्देश भी दिया है। साथ ही अवमानना की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए विभागों से 15 दिन में जवाब मांगा है।
बृहस्पतिवार की सुनवाई में अधिकारियों ने एनजीटी में अपील की कि इलाके में काम कराया जा रहा है, ऐसे में उन पर लगाए गए जुर्माने को माफ कर दिया जाए। इस पर कोर्ट ने कोई काम नहीं होने की बात कहते हुए अपील खारिज कर दी।
साथ ही दो सप्ताह के अंदर जुर्माने की रकम को केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड में जमा कराने को कहा। एनजीटी ने नाराजगी जताई कि एफिडेविट जमा करने के बावजूद विभागों ने काम नहीं कराया। इस मामले की अगली सुनवाई 30 अगस्त को होगी।
गौरतलब है कि कारवा की याचिका पर गत 18 मई को एनजीटी ने विभागों पर जुर्माना लगाते हुए कौशांबी की समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया था। बृहस्पतिवार को सुनवाई में याचिकाकर्ता और कारवा के अध्यक्ष विनय मित्तल ने कहा कि एफिडेविट में विभागों ने जो काम कराने के लिए कहा था, उन्हें नहीं कराया गया है। कौशांबी में अतिक्रमण, सीवर, प्रदूषण, सफाई और बरसात के पानी की निकासी, डंपिंग ग्राउंड और भारी वाहनों की पार्किंग जैसी समस्याएं हैं।