वहीं, दूसरी ओर वेव सिटी काजीपुरा निवासी शैलेंद्र चौधरी ने यूट्यूब पर एक मिस्ट्री बॉक्स का विज्ञापन देखकर एप डाउनलोड किया। जिसके बाद उन्होंने 16.92 लाख रुपये की राशि 15 बार में ट्रांसफर कर दी। लेकिन, न तो उन्हें कोई मिस्ट्री बॉक्स मिला और न ही उनका पैसा वापस हुआ। ठगों ने उनके साथ संपर्क करना बंद कर दिया और अब शैलेंद्र ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। साइबर थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि साइबर ठग लगातार नए तरीके और स्कीम्स के जरिए लोगों को ठगने में सफल हो रहे हैं। लोगों को सजग और सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि ऐसे ठगी के मामलों से बचा जा सके।