सिद्धार्थ विहार में प्रस्तावित 50 क्यूसेक गंगाजल प्लांट के लिए पाइप लाइन एनएच-24 के किनारे ही डाली जाएगी। अब इसमें एनएचएआई का अड़ंगा नहीं लगेगा। डासना से सिद्धार्थ विहार तक 19 किलोमीटर लंबी इस पाइप लाइन को बिछाने पर एनएचएआई की सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है।
एनएच-24 के चौड़ीकरण से अब गंगाजल लाइन डालने का काम नहीं रुकेगा।गंगाजल के नए प्लांट (50 क्यूसेक क्षमता) का निर्माण अब आचार संहिता खत्म होने के बाद अप्रैल में शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जल निगम के अधिकारियों ने प्लांट की डीपीआर तैयार कर इस पर शासन से स्वीकृति ले ली है।
240 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्लांट से 37.5 क्यूसेक गंगाजल नोएडा और 12.5 क्यूसेक आवास विकास परिषद की सिद्धार्थ विहार कालोनी को दिया जाएगा। इस प्लांट के लिए डासना गंगनहर से सिद्धार्थ विहार तक पहुंचाने के लिए गंगाजल लाइन बिछानी है।
एनएच-24 चौड़ीकरण का डिजाइन फाइनल न होने की वजह से पूर्व में इस लाइन के एलाइनमेंट को मंजूरी नहीं मिल रही थी। एनएचएआई ने लाइन बिछाने पर जल निगम को सहमति नहीं दी थी। जल निगम के अधिशासी अभियंता व गंगाजल प्लांट प्रभारी आरके अग्रवाल ने बताया कि अब एनएच-24 के किनारे पर ही पाइप लाइन बिछाई जाएगी।
एनएचएआई के अफसरों के मुताबिक अब गंगाजल लाइन सड़क चौड़ीकरण में नहीं आएंगी। प्लांट प्रभारी ने बताया कि आचार संहिता हटने के बाद नए गंगाजल प्लांट के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे नोएडा और आवास विकास परिषद की सिद्धार्थ विहार कालोनी को पानी मिलेगा।