नेपाल के दल ने देखे आपदा प्रबंधन
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एनडीआरएफ की आठवीं बटालियन में बुधवार को इंडिया-नेपाल बायलेट्रल कंसलटेटिव ग्रुप (बीसीजी) पहुंचा। इस दल में एमईए, एमओडी और नेपाल आर्मी के साथ नेपाल दूतावास के अधिकारी भी थे। दल के सदस्यों ने एनडीआरएफ द्वारा आपदा के वक्त उपयोग में आने वाले उपकरणों के प्रदर्शन को देखा।
एनडीआरएफ की बचाव टीम ने प्रदर्शन में बताया कि कैसे प्राकृतिक आपदा आने पर रेस्क्यू आपॅरेशन चलाया जाता है। बहुमंजिला इमारत में फंसे लोगों को ढूंढ़ना और उन्हें फर्स्ट एड सुविधा देना। रेस्क्यू के लिए अब एनडीआरएफ के पास अत्याधुनिक उपकरण आ गए हैं।
इन उपकरणों की सहायता से मलबे में दबे लोगों को आसानी से चेक किया जाता है। बटालियन के अधिकारियों ने सीबीआरएन, बाढ़ से बचाव, भूकंप आदि के उपकरणों के बारे में बताया। बटालियन के कमांडेंट पीके श्रीवास्तव ने बताया कि नेपाल में बीते वर्ष जिस तरह प्राकृतिक आपदा आई उससे अन्य देशों को भी सचेत रहने के लिए विवश कर दिया है।
प्राकृतिक आपदा को हम रोक नहीं सकते, लेकिन उससे होने वाली हानि को कम जरूर किया जा सकता है। आपदा के बचाव के तरीके यदि पहले से पता होंगे तो जानमाल की क्षति कम होगी।