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Ghaziabad News: सीएम के निर्बाध बिजली आपूर्ति के आदेश पर लापरवाही के फॉल्ट

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गाजियाबाद/साहिबाबाद। भीषण गर्मी के बीच जिले में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। रविवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहरों में 24 घंटे और गांवों में 22 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, लेकिन गाजियाबाद में ऊर्जा निगम 18 घंटे आपूर्ति के अपने दावे पर ही खरा नहीं उतर पा रहा है। शहर के कई इलाकों में रोजाना चार घंटे तक और ग्रामीण क्षेत्रों में 10 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है।
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यह स्थिति तब है, जब जिले में बिजली की मांग उपलब्ध से कम है। इसके बावजूद फॉल्ट, ट्रिपिंग और अव्यवस्था के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। रविवार को सुबह से ही कैलाभट्ठा, प्रताप विहार, बापूधाम, सिद्धार्थ विहार, संजयनगर, शास्त्रीनगर और नंदग्राम समेत कई इलाकों में बिजली गुल रही। बार-बार ट्रिपिंग होने से लोग पानी तक जमा नहीं कर सके और पेयजल संकट खड़ा हो गया।

नेहरूनगर, कविनगर, राजनगर, राजनगर एक्सटेंशन और संजयनगर समेत कई क्षेत्रों में दिनभर 10-10 मिनट के अंतराल पर बिजली की आवाजाही जारी रही। शास्त्रीनगर निवासी अमितेश सोनी ने बताया कि पूरे दिन में कई बार 15 से 20 मिनट के लिए बिजली कटती रही। इससे इलाके में रहने वाले हजारों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह के समय बिजली कटौती के चलते कई घरों में पेयजल की आपूर्ति नहीं हो सकी। लोगाें को पीने के लिए पानी खरीदना पड़ा। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी असर पड़ रहा है।
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महेंद्रा एन्क्लेव निवासी शुभम के मुताबिक, सुबह पांच बजे बिजली चली गई थी और करीब नौ बजे सप्लाई बहाल हो सकी। लंबी कटौती के कारण लोगों के सामने बाहर से पानी खरीदने की नौबत आ गई।


रोस्टर फेल, टीएचए में छह घंटे से ज्यादा कटौती

ट्रांस हिंडन क्षेत्र में भी हालात खराब बने हुए हैं। साहिबाबाद, भोपुरा और डिफेंस कॉलोनी समेत कई इलाकों में शनिवार देर रात से बिजली आपूर्ति बाधित रही। इंद्रप्रस्थ कॉलोनी आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सतीश भारद्वाज ने बताया कि ऊर्जा निगम ने हाल में 18 घंटे निर्बाध आपूर्ति का रोस्टर जारी किया था, लेकिन जमीनी स्थिति इससे बिल्कुल उलट है। उनके मुताबिक शनिवार रात 12 बजे बिजली गई, दो बजे आई और कुछ देर बाद फिर कटौती शुरू हो गई, जबकि रोस्टर में रात एक से छह बजे तक सामान्य आपूर्ति का दावा किया गया था।


जेनरेटर का खर्च बढ़ा, सीएम को भेजा पत्र

लगातार बिजली कटौती का असर लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। राजनगर एक्सटेंशन की सफायर, सेवी विला डे, क्लासिक रेजिडेंसी, फॉर्च्यून रेजीडेंसी और एसएससी हाइट्स सोसायटी के निवासियों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से शिकायत करने के साथ मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा है। लोगों का कहना है कि बिजली कटते ही सोसायटी में जेनरेटर चलाना पड़ता है। इसकी बिजली सामान्य सप्लाई की तुलना में कई गुना महंगी पड़ती है।


मांग कम, फिर भी फॉल्ट से चरमराई सप्लाई

ऊर्जा निगम के अनुसार, जिले में बिजली आपूर्ति क्षमता करीब 3000 मेगावाट है, जबकि मौजूदा मांग लगभग 2900 मेगावाट ही है। इसके बावजूद फॉल्ट और लाइनों में खराबी के चलते रोजाना आपूर्ति प्रभावित हो रही है।जोन-एक के मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने बताया कि मांग के अनुरूप बिजली उपलब्ध है, लेकिन तकनीकी खराबियों के कारण कुछ क्षेत्रों में कटौती करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों को लगातार निगरानी और मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।


कागजों में ‘सब ओके’
एक ओर शहर और गांवों में लोग घंटों बिजली कटौती से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर विभागीय रिपोर्टों में 22 से 23 घंटे आपूर्ति दर्शाई जा रही है। घंटाघर और तुराबनगर क्षेत्रों में शनिवार को करीब तीन से चार घंटे बिजली बाधित रही, लेकिन डिस्कॉम को भेजी गई रिपोर्ट में यहां 22 घंटे 25 मिनट आपूर्ति दिखाई गई। इसी तरह शास्त्रीनगर में करीब तीन घंटे कटौती के बावजूद कागजों में 23 घंटे सप्लाई दर्ज की गई।
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