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Ghaziabad News: जब तक मरा नहीं, तब तक पीटता रहा नशा मुक्ति केंद्र का संचालक

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लोनी। ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र के रामपार्क खानपुर जप्ती गांव मार्ग स्थित नशा मुक्ति केंद्र संचालक अपने चार स्टाफ के साथ अंकित बत्रा (45) को तब तक मारता रहा जब तक वह मर नहीं गया। मौत होने के बाद आरोपी स्टाफ के साथ मौके से फरार हो गया। केंद्र में अन्य मरीजों ने बताया कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उनके गुप्तांग में पेट्रोल भी डाला था। पीएम रिपोर्ट में अंकित के शरीर पर चोट के 11 निशान मिले हैं। मृतक के परिजनों ने संचालक विपिन ठाकुर समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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अंकित की हत्या के बाद से आरोपी फरार है। अंकित के रेलवे से सेवानिवृत पिता अर्जुनदास ने बताया कि उनका बेटा अंकित नशे का आदी था। उन्हें गूगल से खानपुर गांव मार्ग स्थित नशा मुक्ति केंद्र की जानकारी हुई थी। उन्होंने एक दिसंबर 2022 को अपने बेटे को भर्ती कराया था। इसके बाद उन्होंने छह फरवरी को अंकित को बाहर निकाल लिया। इसके बाद बुधवार रात उनका बेटा फिर से नशा करके घर आया और नशा मुक्ति केंद्र संचालक से फोन पर बात करने लगा। इस दौरान दोनों में गाली-गलौच होने लगी। बृहस्पतिवार सुबह नशा मुक्ति केंद्र संचालक विपिन ठाकुर ने अंकित की पत्नी अंकिता के पास कॉल कर कहा कि अंकित की तबीयत ठीक नहीं है। इसके बाद वह अपने साथियों के साथ उनके घर आया और अंकित को इलाज कराने के बहाने अपने साथ ले गए। शक होने पर अंकिता परिवार के सदस्यों के साथ लोनी पहुंची। यहां उन्हें पता चला कि उनके पति की हत्या कर दी गई। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के सख्त कार्रवाई की जाए। एसीपी रजनीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संचालक की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के कारणों का स्पष्ट पता चलेगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है कि संचालक ने यह हत्या क्यों की।

मरीज बोले, गुप्तांग में पेट्रोल डाला
नशा मुक्ति केंद्र में अंकित के अलावा आठ और मरीज भर्ती हैं। हत्या के समय संचालक और स्टाफ ने उन्हें अलग कमरे में बंद कर दिया था। उन्होंने बताया कि संचालक की बात नहीं मानने पर वह सभी मरीजों के साथ मारपीट करते थे। अंकित की हत्या मारपीट कर की है। अंकित मदद मांग रहा था और अन्य मरीज अंदर कमरे में बंद थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने अंकित के गुप्तांग में पेट्रोल डाला था। अंकित की हत्या के बाद आरोपी बाहर से दरवाजा बंद कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद उन्होंने शोर मचाया। शोर होने पर पड़ोसियों ने पुलिस को जानकारी दी थी।
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ना लाइसेंस मिला और ना ही बोर्ड लगा रखा था
नशा मुक्ति केंद्र दो मंजिला मकान में चल रहा था। ऊपर वाली मंजिल में दो कमरे बने हुए हैं। नीचे वाली मंजिल में एक कमरा और एक ऑफिस बना हुआ है। इस नशा मुक्ति केंद्र के बाहर कोई बोर्ड भी नहीं लगा है। पुलिस ने तलाशी ली तो उन्हें कोई लाइसेंस भी नहीं मिला है। उन्होंने संबंधित विभाग से लाइसेंस की जानकारी मांगी है। एसडीएम शाल्वी अग्रवाल नेबताया कि इस नशा मुक्ति केंद्र की जांच कराई जा रही है। इसके अलावा लोनी के अन्य केंद्रों की भी जांच होगी।

हत्या के बाद संचालक ने पत्नी को कॉल किया
अंकिता ने बताया कि उन्होंने अपने पति की नशे की लत को छुड़वाने के लिए 35 हजार रुपये केंद्र संचालक को दिए थे। उन्होंने ठीक करने का आश्वासन दिया था लेकिन उनके पति की नशे की लत नहीं छूटी थी। फिर से उनके पति को ले जाने पर संचालक द्वारा इस बार पक्का इलाज करने की बात कही थी। घटना को अंजाम देने के बाद संचालक ने अंकिता को फोन किया। उन्होंने कहा कि अपनी दोनों बेटियों का ध्यान रखना। दोनों बहुत प्यारी हैं, अपने ससुर का भी ध्यान रखना।

पिता की पेंशन पर चलता है घर
अंकित के पिता रेलवे से रिटायर्ड हैं। अंकित के परिजन उनकी नशे की लत से परेशान थे। घर का खर्च पिता अर्जुनदास की पेंशन से चलता है। अंकित कोई काम नहीं करता था।
शरीर पर 11 चोट के निशान
हत्या के बाद पुलिस ने अंकित के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शुक्रवार शाम को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि मृतक के शरीर पर सिर से लेकर पैरों तक अलग-अलग स्थानों पर 11 चोट आई है। अंकित की मौत चोट लगने से हुई है। उधर नशा मुक्ति केंद्र में मौजूद आठ मरीजों का भी मेडिकल हुआ है। उन्होंने भी संचालक और स्टाफ पर मारपीट का आरोप लगाया है।

ना सीसीटीवी कैमरे, ना डॉक्टरों की टीम
नशा मुक्ति केंद्र में ना तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और ना ही डॉक्टरों की टीम का डाटा पुलिस को मिला है। बता दें कि नशा मुक्ति केंद्र के संचालन के लिए भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय से मान्यता प्राप्त होनी चाहिए। राज्य सरकार के मद्यनिषेध विभाग से रजिस्ट्रेशन प्राप्त होना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग व जिलाधिकारी को सूचित करना चाहिए तभी नशामुक्ति केंद्र को सही माना जाता है लेकिन ट्रांस हिडन और लोनी के ज्यादातर नशा मुक्ति केंद्रों के पास मान्यता ही नहीं है।

नशा मुक्ति केंद्र संचालक पर महिला से छेड़छाड़ का आरोप ट्रॉनिका सिटी थानाक्षेत्र की एक कॉलोनी में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र संचालक पर एक मरीज की पत्नी ने छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर संचालक जितेंद्र मलिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। महिला का कहना है कि उन्होंने अपने पति को नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। वह अपने पति से मिलने गई थी। यहां संचालक ने उनके साथ छेड़छाड़ की। संचालक ने उन्हें फोन पर अकेले मिलने का दबाव बनाया। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
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