गाजियाबाद। शैक्षिण प्रमाण पत्रों में हेरीफेरी कर यूपी पुलिस में आरक्षी की नौकरी पाने वाले मनवीर सिंह को डीसीपी पुलिस लाइन निमिष पाटील ने निलंबित कर दिया है। साथ ही आरक्षी के खिलाफ कविनगर में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
डीसीपी ट्रांस हिंडन व प्रभारी पुलिस लाइन निमिष पाटील ने बताया कि जनपद मथुरा की रजवन कालोनी में रहने वाले सोनवीर सिंह ने दो माह पूर्व पुलिस लाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। सोनवीर का आरोप है कि उनके तहेरे भाई मनवीर सिंह निवासी ग्राम छोटी वल्लभ थाना गोंडा तहसील इग्लास जनपद अलीगढ़ ने शैक्षिण प्रमाण पत्रों में हेराफेरी कर वर्ष 2006 में अवैध तरीके से आरक्षी की नौकरी पा ली है।
जांच में सामने आया कि आरक्षी मनवीर सिंह ने कक्षा एक से आठ तक मुन्ना पुत्र इंद्रपाल सिंह के नाम से, जबकि कक्षा आठ से 10 तक मुन्ना लाल के नाम से शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद स्नातक तक की शिक्षा मनवीर सिंह नाम से ग्रहण की और उम्र भी हेराफेरी कर चार वर्ष कम दर्शाई। वर्ष 2006 में हेराफेरी किए गए इसी शैक्षिक प्रमाण पत्र से पुलिस विभाग में आरक्षी के पद पर तैनाती पा ली।
एसीपी पुलिस लाइन लिपी नगायच ने जांच की तो आरोप सत्य पाए। डीसीपी ने बताया कि जांच के बाद आरक्षी मुन्ना उर्फ मुन्नालाल उर्फ मनवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है।