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Ghaziabad News: इंदिरापुरम में एक अक्तूबर से नगर निगम वसूलेगा सभी टैक्स

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गाजियाबाद। अगले एक-दो दिनों में इंदिरापुरम के रखरखाव का जिम्मा औपचारिक रूप से नगर निगम को मिल जाएगा। हस्तांतरण की एवज में जीडीए 70 करोड़ रुपये की पहली किस्त बुधवार को जारी कर सकता है। नगर निगम और जीडीए का संयुक्त बैंक खाता खुलने के बाद नगर आयुक्त ने मंगलवार को अधिकारियों की अहम बैठक बुलाकर सभी विभागों के प्रभारियों से दो दिन के भीतर इंदिरापुरम की कार्य योजना मांगी है। साथ ही, एक अक्तूबर से सभी टैक्स वसूलने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
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मंडलायुक्त की अध्यक्षता में पिछले दिनों बोर्ड बैठक के दौरान इंदिरापुरम हस्तांतरण की सहमति बनी थी। हालाकि, हस्तांतरण उस दिन से माना जाएगा जब 70 करोड़ रुपये की पहली किस्त जीडीए की तरफ से जारी हो जाएगा। इसके लिए संयुक्त खाता खुलने का इंतजार किया जा रहा था। यह प्रक्रिया भी मंगलवार को पूरी हो गई। इसके साथ ही नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाकर तत्काल कार्य शुरू करने के लिए निर्देश दिए। सभी प्रभारियों से अपने-अपने विभागों से संबंधित कार्य योजना दो दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इंदिरापुरम की प्रमुख सड़कों के अलावा आंतरिक मार्गों को सुधारा जाएगा। सीवर लाइनों की मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। इंदिरापुरम से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए एमआरएफ सेंटर भी बनाने की योजना तैयार की जा रही है, इसके लिए 8500 वर्गमीटर जमीन पर सॉलिड वेस्ट निस्तारण का काम किया जाएगा। 15 दिनों के अंदर सभी विभागों को अपने कार्यक्षेत्र में काम शुरू करने के निर्देश नगर आयुक्त ने दिए हैं। इस मौके पर अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव, अवनिंद्र कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा, संपत्ति प्रभारी पल्लवी सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश, प्रकाश विभाग के प्रभारी केपी आनंद, उद्यान विभाग के प्रभारी डॉ. अनुज मौजूद रहे।
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350 करोड़ से ज्यादा होगी वसूली
नगर निगम बोर्ड बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार बहुमंजिला इमारत वाले इंदिरापुरम क्षेत्र में कुल यूनिटों (मकानों) की संख्या 72 हजार हैं, जिनमें लगभग 29 हजार यूनिटों से करीब 26 करोड़ रुपये जल-सीवर शुल्क जीडीए वसूल रहा है, जबकि 17 से 20 करोड़ रुपये टैक्स नगर निगम को भी मिलता है। हस्तांतरण के बाद जल-सीवर शुल्क में 25 से 30 करोड़ रुपये का इजाफा हो जाएगा। इसके अलावा 50 से 60 करोड़ रुपया अनुरक्षण शुल्क मिलना शुरू हो जाएगा। आमदनी का बड़ा जरिया विज्ञापन भी नगर निगम को मिल जाएगा। ऐसे में अक्तूबर के बाद सभी तरह के टैक्स व किराया आदि मिलाकर निगम को 350 करोड़ रुपये से ज्यादा मिलने लगेगा।

कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन भी बनेगा
इंदिरापुरम के रखरखाव की जिम्मेदारी मिलने के बाद वहां से प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले करीब 150 टन कचरे को ठिकाने लगा पाना आसान नहीं होगा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 4000 वर्गमीटर जमीन पर कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन बनाया जाएगा। इसके अलावा 4500 वर्गमीटर जमीन पर एमआरएफ सेंटर बनाया जाएगा। जीडीए ने छह माह के भीतर इसके लिए भूमि उपलब्ध कराने की सहमति दी है। साथ ही, निगम की ओर से व्यवस्था किए जाने तक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव नहीं किया जाएगा। छह माह की अवधि तक जीडीए इसका खर्च उठाएगा। कचरा प्रबंधन के लिए 15 करोड़ रुपया जीडीए की तरफ से निगम को दिया जाएगा।

वर्जन
इंदिरापुरम के रखरखाव का जिम्मा लेने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। पहली किस्त के अनुसार क्षेत्र में काम शुरू करने के लिए योजना बनाई जा रही है। - विक्रमादित्य सिंह मलिक, नगर आयुक्त्
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