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Ghaziabad News: व्यापारी बोले- इंदिरापुरम में कर न बढ़ाए नगर निगम

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इंदिरापुरम के न्याय खंड दो की मार्केट में आयोजित संवाद कार्यक्रम में चर्चा करते व्यापारी। संवाद
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इंदिरापुरम। पहले से ही अतिक्रमण, पार्किंग और अंधेरे की समस्या से इंदिरापुरम के लोग परेशान है। अब नगर निगम द्वारा लगाए जा रहे दोगुने कर से इंदिरापुरम के व्यापारी और परेशान हो गए हैं। सुविधाओं के नाम पर आश्वासन और कर भुगतान न करने पर सीलिंग की कार्रवाई से व्यापारियों में असंतोष बढ़ रहा है। शुक्रवार को अमर उजाला की ओर से न्यायखंड दो काला पत्थर रोड पर आयोजित संवाद में व्यापारियों ने अपना दर्द बयां किया।
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व्यापारियों ने कहा कि सड़क पर अतिक्रमण से सुबह-शाम जाम लगता है और अवैध ठेली रेहड़ी एवं खोखे वालों की वजह से व्यापार चौपट हो रहा है। सड़कों पर आय दिन सीवर का गंदा पानी भरा रहता है और पीने के लिए जो पानी मिलता है उसमें भी गंदगी घुली हुई आती है। इन समस्याओं को दूर करने की बजाय इंदिरापुरम हस्तांतरित होते ही नगर निगम चक्रवृद्धि ब्याज लगाते हुए कर की वसूली करने में जुटा है। व्यापारियों ने कहा कि जीडीए से जनवरी में नगर निगम को इंदिरापुरम मिला है लेकिन वह 2005 से ही दुकानों का कर वसूल रही है और उस पर चक्रवृद्धि ब्याज जोड़ कर एक-एक दुकान पर लाख रुपये व इससे अधिक का कर लगा रही है। काला पत्थर रोड पर करीब 1500 दुकाने हैं। इनमें इलेक्ट्रिक, कपड़ा, बर्तन, फर्नीचर आदि की दुकानें शामिल हैं। यहां से नगर निगम को पहले से ही गृह कर के तौर पर लोग सालाना करीब डेढ़ करोड़ रुपये जमा करते आ रहे हैं। जीडीए को भी कर चुकाते रहे हैं बावजूद इसके यहां समस्याओं का अंबार है। न तो पब्लिक शौचालय है और न पार्किंग, सुरक्षा के नाम पर सड़क किनारे लगी स्ट्रीट लाइट भी आय दिन खराब रहती है। इन सब असुविधाओं के बीच व्यापारी फिर भी हर तरह का कर चुका रहे हैं, बावजूद इसके अब दोगुना कर लगाए जाने से व्यापारी आहत हैं। संवाद में किशोर ठाकुर, विजेन्दर कुमार, अशोक चौहान, अजय कुमार, राजकुमार, विमल कुमार, मृनतुंजय कुमार, पप्पू,अमन सिंह आदि व्यापारी शामिल रहे।

तीन दशक में नहीं बना पब्लिक शौचालय न पाकिंग काला पत्थर रोड बाजार तीन दशक पुराना है। तीस वर्षों में यहां दुकानों की संख्या के साथ ही रेहड़ी पटरी और अवैध खोखे की संख्या तो बढ़ी लेकिन व्यापारियों और खरीदारों की सुविधा के लिए आज तक पब्लिक शौचालय नहीं बन सका है। यहां आस-पास पार्किंग स्थल न होने से गाड़ियां सड़क पर खड़ी होती हैं, जिससे जाम लगता है। ओमवीर यादव, अध्यक्ष इंदिरापुरम व्यापार मंडल
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नगर निगम ने अतिक्रमण हटाया था यहां लगाए गए खोखे अवैध बताकर हटाए, लेकिन चार दिन बाद ही यहां दोबारा अतिक्रमण हो गया लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। अतिक्रमण की समस्या व्यापारियों के लिए नासूर बनती जा रही है। सुरेश कुमार तोमर
जिन दुकानों में पानी और सीवर का कनेक्शन ही नहीं, नगर निगम बेवजह उनपर कर थोप रही है। जो लोग कनेक्शन ले रहे हैं कर उन्हीं पर लगाया जाना चाहिए। धीरज त्यागी
सुविधाओं के नाम पर व्यापारियों को कुछ नहीं दिया जा रहा, लेकिन सबसे ज्यादा हमें ही प्रताड़ित किया जा रहा है। नगर निगम की टीम सुबह सात बजे ही दुकानों पर पहुंच रही है, सीलिंग की कार्रवाई करने पहुंच जाती है। छोटे दुकानदारों पर बकाया कर को चक्रवृद्धि ब्याज के साथ जोड़ कर बिल थमा रही है, जिससे लोग परेशान हैं। देवांश अरोड़ा नगर निगम कर लगा भी रहा है तो पहले सुविधाएं मुहैया कराए या फिर जिस दिन से इंदिरापुरम का हस्तांतरण हुआ है, कर भी उसी दिन से लगाना चाहिए। सुविधा कुछ नहीं मिल रही और परेशानी बढ़ती जा रही है। अरुण त्यागी

इंदिरापुरम के न्याय खंड दो की मार्केट में आयोजित संवाद कार्यक्रम में चर्चा करते व्यापारी। संवाद

इंदिरापुरम के न्याय खंड दो की मार्केट में आयोजित संवाद कार्यक्रम में चर्चा करते व्यापारी। संवाद

इंदिरापुरम के न्याय खंड दो की मार्केट में आयोजित संवाद कार्यक्रम में चर्चा करते व्यापारी। संवाद

इंदिरापुरम के न्याय खंड दो की मार्केट में आयोजित संवाद कार्यक्रम में चर्चा करते व्यापारी। संवाद

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