इंदिरापुरम। वैभवखंड स्थित एक्सप्रेस गार्डन निवासी अनिल कुमार श्रीवास्तव ने व्यापार के नाम पर मुंबई के आयुर्वेदिक चिकित्सक पर धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में प्राथमिरी दर्ज कराई है। आरोप है कि मछली बीज विकास व्यापार में निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर आरोपी ने पहले 12.25 लाख रुपये लिए। इसके बाद बेटे को इंजीनियरिंग कराने के नाम पर 6.50 लाख उधार ले लिए। मामला वर्ष 2019 का है। पीड़ित ने 24 मार्च की रात प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पीड़ित अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2019 में वह महाराष्ट्र यवतवाल में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 367 परियोजना में टीम लीडर कार्यरत थे। वहां पर मुंबई के पांडुरना रोड स्थित यवतवाल के संभाजी नगर निवासी डॉ. प्रवीण नागोरावजी के डॉ. प्रवीण से उनकी मुलाकात हुई। आरोपी ने उन्हें मछली बीज विकास व्यापार में निवेश से मोटा मुनाफे का झांसा दिया। इसके बाद कमल फिश सीड सेंटर नाम से व्यापार शुरू किया। निष्क्रिय साझेदार बनाकर 13 जून 2019 से आठ नवंबर 2019 के बीच 12.25 लाख रुपये निवेश कराए। कुछ समय बाद उन्होंने आरोपी से व्यापार का हिसाब-किताब मांगा तब टालमटोल शुरू कर दी। यहां तक कि अकाउंट शीट भी नहीं दिखाई। रकम वापस मांगी तो आरोपी दो चेक दिए। लेकिन वह बाउंस हो गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि एंटी फ्रॉड सेल की जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में बयान के लिए आरोपी को बुलाया गया है।