साहिबाबाद के अर्थला गांव की अब एनसीआर में अलग पहचान बनेगी। अर्थला को अब मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां मेट्रो स्टेशन के साथ-साथ हाईस्पीड ट्रेन का स्टेशन भी बनेगा। इनके अलावा यहीं से रोडवेज बसें और मेट्रो फीडर बसें भी मिलेंगी।
ऐसे में मेट्रो या हाईस्पीड ट्रेन के यात्री अर्थला स्टेशन पर उतर कर ट्रांसपोर्ट के दूसरे माध्यमों का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे पहले एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन) ने मोहन नगर को मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाने की प्लानिंग की थी, लेकिन अब इसमें बदलाव कर अर्थला को चुना गया है।
दिल्ली से एनसीआर के कई शहरों में आठ आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम) कॉरिडोर बनाने की प्लानिंग की गई है। कई चरणों की बैठकों के बाद दिल्ली के सराय काले खां/निजामुद्दीन से मेरठ कॉरिडोर की डीपीआर को हाल ही में मंजूरी मिली है। निजामुद्दीन से मेरठ तक 90 किलोमीटर लंबे रूट पर हाईस्पीड ट्रेन के 17 स्टेशन होंगे।
औसतन प्रत्येक 5 से 5.5 किलोमीटर की दूसरी पर स्टेशन होगा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के चीफ कोऑर्डिनेटर प्लानर विद्याभूषण दुबे ने बताया कि पूर्व में मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब मोहन नगर में बनाने की प्लानिंग थी, लेकिन अब हाईस्पीड ट्रेन का स्टेशन अर्थला में बनाया जाना प्रस्तावित है, यहीं पर मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाया जाएगा।
कंसलटेंट फर्म ने निजामुद्दीन-मेरठ कॉरिडोर की डीपीआर में इसकी प्लानिंग की है। यानी अर्थला ऐसा स्टेशन होगा जहां मेट्रो और हाईस्पीड ट्रेन साथ-साथ आएंगी। दिलशाद गार्डन से मेट्रो आएगी तो आनंद विहार की ओर से हाईस्पीड ट्रेन। यहां यात्री एक ट्रेन से उतर कर उसी टिकट पर दूसरी ट्रेन में सफर कर सकेंगे।
अर्थला में मेट्रो स्टेशन बनने का काम शुरू हो गया है। आरआरटीएस प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद इसी स्टेशन के आसपास हाईस्पीड ट्रेन का स्टेशन बनाया जाएगा। ऐसे में अर्थला सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन बन जाएगा।हाईस्पीड ट्रेन का फायदा सबसे ज्यादा नौकरी पेशा लोगों को होगा।
मेरठ, मोदीनगर, गाजियाबाद से दिल्ली और गाजियाबाद से मेरठ में हजारों लोग प्रतिदिन नौकरी पर जाते हैं। अभी तक लोगों के पास यहां आने-जाने के लिए ट्रेन, कार और बस तीन माध्यम हैं, लेकिन यह माध्यम न सिर्फ समय ज्यादा लेते हैं, बल्कि खर्चीले भी हैं।
हाईस्पीड ट्रेन के चालू हो जाने पर दिल्ली से मेरठ की दूरी सिर्फ 48 मिनट में तय हो जाएगी। बसों की अपेक्षा किराया भी सस्ता होगा। शाहदरा से मेरठ जाने वाले लोग मेट्रो से अर्थला स्टेशन तक पहुंचेंगे और यहां से हाईस्पीड ट्रेन पकड़कर मेरठ जा सकेंगे।
निजामुद्दीन-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर एक नजर में
कुल लंबाई 90 किलोमीटर
स्टेशन की संख्या 17 (11 एलिवेटेड और 6 अंडरग्राउंड)
गाजियाबाद में स्टेशन की संख्या 07
ट्रेन की अधिकतम स्पीड 180 किलोमीटर/घंटा
ट्रेन में अधिकतम कोच 12
हवाई जहाज जैसी होंगी सीटें
हर 10 से 15 मिनट में मिलेगी ट्रेन
प्रत्येक ट्रेन में 2400 पैसेंजर कर सकेंगे सफर