इंदिरापुरम। कृष्णा अपरा गार्डन सोसायटी की रहने वाली नलिनी अग्रवाल ने अपनी बहू गरिमा अग्रवाल के खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। आरोप है कि बहू ने करोड़ों रुपये खाते से दो अन्य लोगों के खाते में भेज दिए। निजी फाइनेंस कंपनी में मकान गिरवी और गोल्ड लोन भी लिया। ससुर की मौत के बाद कंपनी की निदेशक बन करोड़ों रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता नलिनी अग्रवाल ने बताया कि वह अपने बेटे अभिषेक अग्रवाल और बहू गरिमा अग्रवाल के साथ रहती है। उनके पति डॉ. अनिल कुमार अग्रवाल की मौत के बाद उन्होंने बहू को संपत्ति के सभी अधिकार दे दिए थे। बहू ने सबसे पहले अपना मोबाइल नंबर उनके बैंक खाते में पंजीकृत कराया। इसके बाद पेटीएम, यूपीआई और चेक पर उनके हस्ताक्षर कराकर अलग-अलग खातों में तीन करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। बैंक लॉकर की संयुक्त धारक होने की वजह से परिवार के सभी आभूषणों की कीमत 1.05 करोड़ रुपये लेकर जेवरात निजी गोल्ड कंपनी से लोन भी ले लिया। वहीं, उनके बेटे के डीमेट खाते से 25 लाख रुपये के शेयर भी बेच दिए। उनका आरोप है कि गरिमा ने परिवार के स्वामित्व वाली कंस्यूमेट टेक्नॉलजी प्राइवेट लिमिटेड की सीसी लिमिट को 60 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ कराया और सारी रकम सेल कंपनियों में ट्रांसफर कर दी। बहू पर आरोप है कि उनके बेटे के नाम मकान को भी निजी फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखकर लोन ले लिया। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी बेटी के नाम की संपत्ति भी बेच दी। पता चलीने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत के बाद एंटी फ्रॉड सेल से जांच हुई और उसी के आधार पर केस दर्ज किया गया। महिला के खिलाफ वर्ष 2025 में भी एक मामला दर्ज है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।