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लॉकडाउन के दौरान इलाज के अभाव में जच्चा-बच्चा की मौत

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खानपुर।लॉक डाउन के चलते क्षेत्र की एक गर्भवती महिला को समय से चिकित्सा सुविधा न मिल पाने के कारण उसकी व बच्चे की मृत्यु हो गई। परिजनों का आरोप है कि पीएचसी से सिकंदराबाद तक स्वास्थ्य कर्मियों से मदद की गुहार लगाई लेकिन उन्होंने उनकी एक न सुनी और रेफर करते गए। अगर महिला को समय से उपचार मिल जाता तो आज जच्चा-बच्चा जीवित होते। वहीं, परिजनों ने एंबुलेंस चालक पर सुविधा शुल्क के नाम पर दो हजार रुपये ऐंठने का आरोप लगाया। खानपुर क्षेत्र के गांव भदौरा में कोई स्वास्थ्य केंद्र नहीं है और न ही खानपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधा मिल रही हैं। जिसकी ग्रामीण कई बार मांग कर चुके हैं। मृतका के पति राजीव के  अनुसार उनकी पत्नी प्रियंका को बुधवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आए। परिजनों का आरोप है कि उपचार की जगह स्वास्थ्य कर्मियों ने सिकंदराबाद चिकित्सालय रेफर कर दिया। सिकंदराबाद चिकित्सालय में भी गर्भवती महिला का उपचार करने की जगह मेरठ मेडिकल रेफर कर दिया। मेरठ जाते समय महिला ने हापुड़ से पूर्व बच्चे को जन्म दिया। कुछ समय बाद बच्चे ने दम तोड़ दिया। महिला की हालत गंभीर होने पर हापुड़ के निजी अस्पताल में चिकित्सकों के आगे काफी गुहार लगाई, लेकिन किसी ने भी महिला का उपचार करना तो दूर देखा तक नहीं। इसके बाद परिजन महिला को मेरठ मेडिकल पहुंचे, जहां स्टाफ ने कोरोना टेस्ट के बाद उपचार करने की नसीहत दी। परिजनों ने चिकित्सकों से काफी गुहार लगाई, लेकिन चिकित्सकों द्वारा अनसुना किए जाने पर परिजन महिला को स्याना ले आए, जहां महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि अगर किसी भी अस्पताल में उपचार मिला होता तो जच्चा-बच्चा दोनों सकुशल होते। सिकंदराबाद संयुक्त चिकित्यालय के प्रभारी डॉ. एपी सिंह ने बताया कि महिला की स्थिति काफी गंभीर थी। हमारे यहां वेंटिलेटर और आइसीयू की सुविधा नहीं होने के चलते हायर मेडिकल सेंटर मेरठ रेफर किया गया था। 18 दिन से जिला महिला अस्पताल सील होना भी बना कारण जिला महिला अस्पताल में तैनात एक फार्मासिस्ट के कोरोना संक्रमित मिलने पर 21 अप्रैल से जिला महिला अस्पताल सील चल रहा हैं। अगर जिला महिला अस्पताल संचालित होता तो गर्भवती महिलाओं को दूर-दराज लेकर परिजनों को भागना नहीं पड़ता। समय से उपचार मिलने पर गर्भवती महिला को बचाया जा सकता। एंबुलेंस चालक पर सुविधा शुल्क लेने का आरोप मृतका के परिजनों ने 108 एंबुलेंस चालक पर गर्भवती महिला को लाने ले जाने के नाम दो हजार रुपये का सुविधा शुल्क वसूलने का भी आरोप लगाया हैं। परिजनों का कहना है कि चालक ने स्याना छोडऩे के दौरान डीजल खर्च के नाम पर उनसे दो हजार रुपये वसूल लिए।
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