शेयर ट्रेडिंग के नाम पर और डिजिटल अरेस्ट करके ठगी करने वाले गिरोह दुबई, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कंबोडिया और थाईलैंड से चल रहे हैं। ऐसे मामलों की जांच के दौरान पुलिस को गिरोह की लोकेशन मिली है।
साहिबाबाद के सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पास व्हाट्सएप मैसेज आया, अगर आप निशुल्क शेयर ट्रेडिंग सीखना चाहते हैं तो इस लिंक पर क्लिक करें। क्लिक करते ही उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ लिया गया। तीन दिन प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद मोटे मुनाफे का लालच देकर निवेश करने के लिए कहा गया। वह लालच में आ गए।
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कभी दो लाख तो कभी पांच लाख करके उनसे एक महीने में 40 लाख बताए गए खाते में जमा कराए गए। डिजिटल वॉलेट में मुनाफा मिलाकर एक करोड़ रुपया दिखा दिया गया। जब वह इसे निकाल नहीं पाए तब ठगी का अहसास हुआ लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। यह अकेला मामला नहीं है।
साइबर ठगी के 60 फीसदी मामलों में लोगों को इसी तरह शिकार बनाया जा रहा है। छह महीने पहले खुले साइबर थाने में अब तक दर्ज किए गए 173 मामलों में 100 शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी के हैं। इस तरीके से 50 करोड़ से ज्यादा की रकम ठगी गई है।
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दूसरे नंबर डिजिटल अरेस्ट करके रकम वसूलने के हैं, जिनकी संख्या 30 हैं। 25 केस घर बैठे कमाई का लालच देकर शिकार बनाने के हैं। इनमें लाइक और कमेंट करने पर पैसा देने का झांसा दिया जाता है और फिर धोखे से रकम खाते में जमा करा ली जाती है। लोन एप के जरिए ठगी करने के मामले भी आ रहे हैं लेकिन पहले के मुकाबले इनकी संख्या में कमी आई है। पिछले साल तक सबसे ज्यादा केस इसी तरह के थे।
दुबई, यूएई से चल रहे गिरोह
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर और डिजिटल अरेस्ट करके ठगी करने वाले गिरोह दुबई, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कंबोडिया और थाईलैंड से चल रहे हैं। ऐसे मामलों की जांच के दौरान पुलिस को गिरोह की लोकेशन मिली है। ये गिरोह सिम और बैंक खाते भारत के लोगों के ही इस्तेमाल करते हैं।