अब एप केजरिए यूपी की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारा जाएगा। ‘यूपी ट्रैफिक पुलिस’ के नाम से यह एप 15 अगस्त को लांच किया जाएगा, जिसमें पूरे प्रदेश के ट्रैफिक का हाल होगा। जाम, रूट डायवर्जन और नो एंट्री कहां-कहां है? हर शहर का मैप होगा, किस रास्ते से जाएं यह भी एप बताएगा। इतना ही नहीं, जिस शहर में आप हैं, उसमें क्रेन से लेकर पंचरवाले तक की जानकारी होगी।
यह जानकारी रविवार दोपहर एडीजी (ट्रैफिक) अनिल अग्रवाल ने दी। वह कंट्रोल रूम का निरीक्षण करने और गाजियाबाद की ट्रैफिक व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों से बैठक करने हरसांव पुलिस लाइंस आए थे। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक पुलिस एप में प्रदेश के हर जिले केयातायात से संबंधित जानकारी मिलेगी। एप के जरिए सलाह और समस्याएं भी जनता पुलिस से शेयर कर सकेगी।
इससे पहले एडीजी ने पुलिस अफसरों के साथ बैठक कर ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने, जाम से निबटने और अतिक्रमण हटाने के संबंध में गाजियाबाद पुलिस की प्लानिंग पर डिस्कस किया। अफसरों को जाम खत्म करने और ट्रैफिक पुलिस को अपडेट करने की हिदायत दी। बता दें कि ट्रैफिक पुलिस फेसबुक और ट्विटर पर भी शहर के ट्रैफिक का अपडेट देती है।
गाजियाबाद बनेगा वेस्ट यूपी के डायल 100 का हब
गाजियाबाद। इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम (डायल-100) के पश्चिम उत्तर प्रदेश का हब गाजियाबाद को बनाया जाएगा। इसके अलावा कंट्रोल रूम के दो हब और होंगे- इलाहाबाद और लखनऊ।
एडीजी (ट्रैफिक) अनिल अग्रवाल ने मुख्य हब लखनऊ में होगा। डायल 100 पर आई सूचनाओं को लखनऊ से गाजियाबाद और इलाहाबाद कंट्रोल रूम को बताया जाएगा। इन दोनों जिलों के कंट्रोल रूम से इसकी सूचना बाकी जिलों में दी जाएगी।
उन्होंने गाजियाबाद केकंट्रोल रूम के बारे में बताया कि यहां बेहतर काम हो रहा है, इसीलिए इसे चुना गया है। उन्होंने बताया कि डायल-100 सेवा को दो अक्तूबर को लांच किया जाएगा। यह सारी कवायद पुलिस केपायलट प्रोजेक्ट के तहत की जा रही है। बता दें कि हाल ही में पुलिस ने एसओएस एप लांच किया था, जिसके जरिए कंट्रोल रूम में घटना की सूचना दी जा सकती है।