केंद्र सरकार द्वारा 500 व 1000 के नोट बंद किए जाने के बाद बैंकाें में कैश का फ्लो ज्यादा नहीं बढ़ पाया है। बुधवार को शहर के कई बैंकों में दोपहर बाद कैश पहुंचा। जबकि ग्राहक सुबह ही आ गए थे। जिन बैंकों के पास पहले का कैश रखा था, उन्होंने वही लोगों को दिया। दूसरी ओर एटीएम की व्यवस्था भी सुधरी नहीं है।
एटीएम से दो-दो हजार के रुपये ही निकल रहे हैं। जिस वजह से ग्राहक पूरे 4500 रुपये नहीं निकाल पा रहे।नोटबंदी के 57 दिन बाद भी बैंकों में कैश और एटीएम की व्यवस्था में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। बैंकों में कैश कम ही आ रहा है। हालांकि लोगों की लाइनें खत्म हो गई हैं। बुधवार को स्थिति बदली हुई थी।
सिंडिकेट बैंक, पीएनबी, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, युनाइटेड बैंक में कैश दोपहर बाद आया। उससे पहले लोग मायूस होकर वापस लौट चुके थे। एसबीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई, यस बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, केनरा, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स आदि में लोगों को जरूरत के हिसाब से कैश मिला।
एटीएम का हाल
एटीएम सुचारु नहीं हो पा रहे हैं। बुधवार को आरडीसी, नवयुग मार्केट, संजय नगर, कविनगर, शास्त्रीनगर, चिरंजीव विहार, अवंतिका आदि कॉलोनियों में लगे एटीएम बंद ही थे। जिन एटीएम से कैश निकल रहा था उसमें सिर्फ दो-दो हजार के नोट ही थे। यही हाल साहिबाबाद में भी रहा।
टीएचए के ज्यादातर एटीएम से 45 सौ रुपये नहीं निकल सके। अधिकांश एटीएम में दो हजार के नोट होने से लोगों को परेशानी हुई। अधिकतर एटीएम में 500 का नोट नहीं होने की वजह से लोगों को चार हजार रुपये से ही संतुष्ट होना पड़ा।
सैलरी आने के बाद बुधवार को लोग बैंक व एटीएम से कैश निकालने पहुंचे, लेकिन अधिकतर एटीएम से दो हजार के नोट ही निकल रहे थे। लोगों का कहना था कि महीने का पहला सप्ताह है। खर्च ज्यादा है लेकिन कैश कम निकल रहा है, जिनको एक हजार रुपये निकालना था वह खाली हाथ लौट गए।