गाजियाबाद। गाजियाबाद में अन रजिस्टर्ड चल रहीं 30 हजार से ज्यादा फैक्ट्रियों पर नकेल कसने जा रही है। जिला उद्योग केंद्र इन फैक्ट्रियों का सर्वे कराकर अपने यहां रजिस्टर्ड कराएगा। फैक्ट्री बिना रजिस्ट्रेशन के मिलती है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अन रजिस्टर्ड फैक्ट्रियों से एक तरफ जहां राजस्व का नुकसान होता है, वहीं दूसरी ओर इससे प्रदूषण भी काफी ज्यादा होता है। गाजियाबाद को औद्योगिक नगरी कहा जाता है। यहां पर एक दर्जन से ज्यादा औद्योगिक क्षेत्र हैं। इनमें करीब 20 हजार छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां रजिस्टर्ड हैं।
इससे कहीं अधिक अन रजिस्टर्ड फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं। इन अवैध फैक्ट्रियों में बच्चों से लेकर महिलाएं तक उन परिस्थितियों में काम करती हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए अनुकूल नहीं है। किसी फैक्ट्री को शुरू करने के लिए जरूरी है कि उसका रजिस्ट्रेशन जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) में होना चाहिए।
डीआईसी के महाप्रबंधक सिद्धार्थ यादव ने बताया कि शासन स्तर से बिना रजिस्टर्ड फैक्ट्रियों को रजिस्टर्ड कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सर्वे होगा। सर्वे के दौरान जो फैक्ट्रियां चिन्हित की जाएंगी, उन पर पेनाल्टी भी लगाई जाएगी। गाजियाबाद में चल रहीं इन अवैध फैक्ट्रियों पर अंकुश लगाना जरूरी है। सबसे ज्यादा फैक्ट्रियां लोनी, साहिबाबाद, लिंक रोड आदि क्षेत्रों में हैं।