साहिबाबाद। वन टाइम सेटलमेंट योजना (ओटीएस) के तहत आवास विकास परिषद के बकायेदारों ने रुचि दिखाई है। छूट के साथ एक मुश्त बकाया जमा करने को अब तक 156 बकायेदारों ने आवेदन किए हैं। इनमें से चार ऐसे बिल्डर हैं जिन पर 80 से 100 करोड़ तक का बकाया है। वहीं 50 करोड़ से कम वाले कई बकायेदार बिल्डरों ने भी अपने दस्तावेज जमा किए हैं।
योजना के तहत परिषद में आने वाले बकायेदारों के आवेदन ने अधिकारियों की उम्मीदें बढ़ाई है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक जितने बकायेदार सामने आए हैं यदि सभी पैसा जमा कर देते हैं तो भी परिषद को करीब 700 करोड़ से अधिक का लाभ होगा। लंबे अर्से से परिषद का पैसा आावंटियों के बीच फंसा हुआ है। योजना के तहत जितने लोगों ने आवेदन किए हैं सभी के दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है। विभागीय स्तर पर बकाया राशि, ब्याज और संबंधित दावों का मिलान किया जा रहा है, ताकि अंतिम निस्तारण में किसी तरह की कमी न रहे। इन बकायेदारों में वसुंधरा, मंडोला और सिद्धार्थ विहार क्षेत्रों के लोग शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक आवेदन वसुंधरा क्षेत्र से आए हैं। माना जा रहा है कि ओटीएस स्कीम के तहत राहत मिलने से अधिक लोग आगे आ रहे हैं और पुराने विवादित मामलों के समाधान की संभावना बढ़ी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आवेदनों और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद पात्र मामलों में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संपत्ति प्रबंधक, आवास विकास पीएस रावत का कहना है कि हमारी टीम लगातार ओटीएस के प्रति अलग-अलग योजनाओं में जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। बकायेदारों को पत्र भेजकर भी योजना की जानकारी दी गई, ताकि लोग आगे आएं। 15 जुलाई तक लोग ओटीएस स्कीम का फायदा उठा सकते हैं। इससे हमारे कई पुराने बकायेदार सामने आए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद रकम जमा करा ली जाएगी।