मोदीनगर। भोजपुर के गांव सैदपुर में रजवाहे के पुल की क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार के कारण मंगलवार रात मोपेड अनियंत्रित होकर आठ फीट गहरे रजवाहे में गिर गई। हादसे में 32 वर्षीय रविंद्र प्रजापति की मौत हो गई। वह राजमिस्त्री को गांव विद्यापुर छोड़कर घर लौट रहे थे। सुनसान स्थान होने के कारण हादसे की जानकारी रातभर किसी को नहीं हुई और रविंद्र करीब नौ घंटे तक रजवाहे में पड़े रहे। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि यदि पुल की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त नहीं होती तो शायद मोपेड रजवाहे में गिरने से बच जाती और रविंद्र की जान बच सकती थी।
परिजनों के अनुसार, सैदपुर निवासी रविंद्र प्रजापति मजदूरी करते थे। परिवार में पत्नी दिव्या, पांच वर्षीय बेटी किट्टो और तीन वर्षीय बेटा लक्की हैं। उनके घर पर निर्माण कार्य चल रहा है। मंगलवार को काम करने आए विद्यापुर निवासी राजमिस्त्री अपना वाहन नहीं लाए थे। शाम करीब सात बजे काम खत्म होने के बाद रविंद्र उन्हें मोपेड से गांव विद्यापुर छोड़ने गए थे।
वहां से लौटते समय रात करीब दस बजे हृदयपुर भंडौला मार्ग से सैदपुर की ओर जा रहे थे। रात करीब 11 बजे पत्नी दिव्या ने फोन किया तो रविंद्र का मोबाइल फोन स्विच ऑफ था। इसके बाद परिजनों ने तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चला। बुधवार सुबह करीब सात बजे ग्रामीणों ने गांव से लगभग 500 मीटर दूर रजवाहे में मोपेड समेत रविंद्र को अचेत अवस्था में देखा। मोपेड के आधार पर उनकी पहचान हुई।
रविंद्र की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी दिव्या और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। रविंद्र परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
रातभर रजवाहे में पड़ा रहा युवक
परिजनों के अनुसार, विद्यापुर से लौटते समय सैदपुर रजवाहा पुल पर मोपेड अनियंत्रित होकर रजवाहे में गिर गई। सुनसान स्थान होने के कारण किसी को घटना की जानकारी नहीं हो सकी। रविंद्र करीब नौ घंटे तक रजवाहे में पड़े रहे। हृदयपुर भंडौला के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में रविंद्र रात करीब दस बजे मोपेड से अकेले सैदपुर की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं।
कई वर्षों से क्षतिग्रस्त है सुरक्षा दीवार
सैदपुर-हृदयपुर भंडौला मार्ग पर स्थित रजवाहा पुल करीब 20 फीट लंबा है। ग्रामीणों के अनुसार पुल की दोनों ओर की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त है। गांव प्रधान अमरजीत सिंह ने बताया कि एक तरफ की दीवार पूरी तरह टूट चुकी है, जबकि दूसरी करीब पांच फीट तक क्षतिग्रस्त है। पुल पर गहरे गड्ढे भी हैं। प्रधान का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग से शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस मार्ग से रोजाना 10 हजार से अधिक ग्रामीणों की आवाजाही होती है। क्षतिग्रस्त दीवार के कारण हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों के मुताबिक यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
परिजनों ने कार्रवाई से किया इन्कार
एसीपी मोदीनगर सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि प्रथमदृष्टया रजवाहे पर बने पुल की दीवार क्षतिग्रस्त होने के कारण हादसा हुआ है। मोपेड अनियंत्रित होकर रजवाहे में गिर गई। रातभर पानी में पड़े रहने के कारण रविंद्र की मौत हुई। परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से इन्कार किया है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिया की जांच के बाद होगी कार्रवाई
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता संजीव अग्रवाल ने बताया कि पुलिया का निर्माण सिंचाई विभाग के अलावा लोक निर्माण विभाग भी करता है। पुलिया सिंचाई विभाग की है तो उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा।
मोदीनगर । भोजपुर के गांव सैदपुर स्थित रजवाहा पुलिया की सुरक्षा दीवार टूटी हुई। संवाद
मोदीनगर । भोजपुर के गांव सैदपुर स्थित रजवाहा पुलिया की सुरक्षा दीवार टूटी हुई। संवाद