डासना में बंदरों के झुंड ने छत पर खेल रहे 6 वर्षीय आहद को निशाना बनाया। भतीजे को बचाने गई बुआ पर हमला कर दिया। महिला छत से नीचे गिर गई, जिसमें उसके सिर में गहरी चोट और हाथ में फ्रैक्चर हो गया।
डासना नगर पंचायत के वार्ड नंबर-5 स्थित यासीन गढी क्षेत्र में बंदरों के आतंक का एक और गम्भीर मामला सामने आया है। यहां छत पर खेल रहे एक मासूम आहद 6 पुत्र मुहम्मद फिरोज को नीचे बुलाने गई उसकी बुआ सहाना 25 पुत्री शेर मुहम्मद पर बंदरों के एक झुंड ने अचानक हमला कर दिया। बंदरों के इस हमले से बचने के प्रयास में महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह छत से नीचे गिरकर गम्भीर रूप से घायल हो गई।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, आहद शुक्रवार की शाम अपने घर की छत पर खेल रहा था, इसी दौरान उसकी बुआ सहाना उसे नीचे बुलाने के लिए छत पर पहुंची, तभी वहां पहले से मौजूद बंदरों के झुंड ने उन पर धावा बोल दिया। खुद को और बच्चे को बचाने की कोशिश में महिला का पैर डगमगा गया और वह सीधे छत से नीचे आ गिरी, छत से नीचे गिरने के कारण सहाना के हाथ में फ्रैक्चर हो गया और सिर में गम्भीर चोट आने की वजह से सिर फट गया है।
बंदरों ने मासूम बच्चे को भी नहीं बख्शा और उसे दो जगह से काटकर घायल कर दिया। इस अचानक हुए हादसे के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में घायल महिला और बच्चे को उपचार के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डासना ले जाया गया जहां उन्हें एआरवी लगाई गई। फिलहाल उनका इलाज गाजियाबाद निजी अस्पताल में चल रहा है।
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स्थानीय नागरिकों का कहना है कि डासना क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कई बार सम्बंधित अधिकारियों से शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है। निवासियों का आरोप है कि बंदरों के इस बढ़ते खौफ के कारण अब बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग घरों की छतों पर जाने से भी कतराने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत और वन विभाग से जल्द से जल्द बंदरों को पकड़वाने तथा क्षेत्रवासियों को इस खौफ से राहत दिलाने की मांग की है।