मोदी उद्योग समूह के वर्षों से बंद पड़े उद्योगों के हजारों श्रमिकों की दीपावली शुभ हो गई है। उत्तर प्रदेश विधानसभा द्वारा गठित पांच संसदीय समिति की बैठक बुधवार को लखनऊ में हुई। इसमें श्रमिकों को यथाशीघ्र बकाया भुगतान के साथ उनके आवासों की जल्द रजिस्ट्री कराने का निर्देश मिल मालिकों को दिया गया है।
समिति के इस फैसले से श्रमिकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। बैठक में समिति के सदस्यों और शासनिक अधिकारियों के अलावा मिल की मजदूर यूनियन और मिल प्रबंधन शामिल रहे।
समिति के सदस्य एवं क्षेत्रीय विधायक सुदेश शर्मा ने बताया कि बैठक में मिल प्रबंधन ने अब तक की गई कार्रवाई को समिति के समक्ष विस्तार से रखा। विधायक ने बताया कि समिति ने मिल प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए निर्देश दिया कि अब तक जिन श्रमिकों को उनका भुगतान नहीं हुआ है, उनको जल्द से जल्द भुगतान किया जाए।
साथ ही बोर्ड फॉर इंडस्ट्रियल एंड फाइनेंशियल रिकंस्ट्रक्शन द्वारा पूर्व में निर्धारित दरों पर श्रमिकों को उनके आवासों की रजिस्ट्री की जाए। विधायक ने बताया कि बैठक मेें मौजूद समिति के अध्यक्ष मदन चौहान ने कहा कि मिल प्रबंधन, समिति के निर्देश के बावजूद बैठक में शामिल नहीं हो रहा है।
ऐसा लगता है कि मिल मालिक समिति के अधिकारों से परिचित नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समिति की आगामी बैठक में मिल मालिक शामिल नहीं हुए तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बैठक में मौजूद प्रमुख सचिव श्रम को निर्देश दिया कि अगली बैठक में उपस्थित होने के लिए मिल मालिकों को नोटिस जारी किया जाए। अध्यक्ष ने मिल प्रबंधकों को यह चेतावनी भी दी कि यदि आगामी बैठक से पूर्व समिति द्वारा लिए गए निर्देशों को अमली जामा नहीं पहनाया गया तो समिति मिल प्रबंधन के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए बाध्य होगी।
बैठक में समिति के सदस्यों के अलावा शासन की ओर से विशेष सचिव श्रम, प्रमुख सचिव प्रौद्यौगिक शिक्षा, लेबर कमिश्नर कानपुर, मिल प्रबंधन की ओर से सीएस पांडा, आलोक सिंघल, राजेंद्र शर्मा, सुनील व्यास तथा श्रमिक नेताओं में शिवसागर पांडे, धन प्रकाश, आशाराम त्यागी, राकेश चौधरी तथा जिले सिंह उपस्थित रहे।