साहिबाबाद। आतिशबाजी पर लगी पाबंदी मजाक बनकर रह गई। दिवाली की रात पटाखों के बारूद भरे धुएं से परेशान लोग यही पूछते रहे, आतिशबाजी पर पाबंदी लगाई गई है या फिर खुली छूट दी गई है। इतने पटाखे तो तब भी नहीं छोड़े जाते थे जब पाबंदी नहीं होती थी। इस आतिशबाजी का हवा की सेहत पर बुरा असर पड़ा। बारूद का जहर घुल जाने से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई।
दिवाली पर बृहस्पतिवार की शाम पांच बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 227 दर्ज किया गया। देर अगले दिन शुक्रवार की शाम को 79 अंकों की बढ़ोत्तरी के साथ गंभीर श्रेणी 306 पर पहुंच गया। हवा में धूल और धुएं के कणों के साथ गंधक की मात्रा भी बढ़ गई।
लोनी की हवा सबसे खराब रही। यहां एक्यूआई 344 दर्ज किया गया। संजयनगर और इंदिरापुरम की हवा भी गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। वर्ष 2023 में दिवाली के अगले दिन शहर का एक्यूआई 329 दर्ज किया गया था। इस बार हवा की गति तेज रही। इसकी वजह से ही आतिशबाजी का असर कुछ कम हुआ। अगर हवा की गति धीमी होती तो हवा की सेहत और बिगड़ सकती थी।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विकास मिश्र का कहना है कि आतिशबाजी और एक्यूआई का स्तर बढ़ा है।
इनसेट
शहर में तीन दिन का एक्यूआई
01 नवंबर 306
31 अक्तूबर 227
30 अक्तूबर 237
29 अक्तूबर 231
28 अक्तूबर 228
27 अक्तूबर 324
दिवाली के अगले दिन का एक्यूआई
स्टेशन 2024 2023 2022
लोनी 344 353 337
इंदिरापुरम 303 314 268
संजयनगर 327 342 213
वसुंधरा 251 307 262