एमएमजी स्थित पैथलैब बदहाल स्थिति में है। एक तो मशीनें खराब उसके अलावा स्टाफ की भारी कमी है। ऐसे में मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। लैब में कुछ मशीनें खराब हैं, तो कुछ का नवीनीकरण ही नहीं हुआ है। एनुअल मेंटेनेंस न होने के कारण जांच की रिपोर्ट में असर पड़ रहा है।
एमएमजी अस्पताल के पैथलैब में टर्बा पुली सेमी ऑटोमैटिक, ऑटो एनालाइजर, हार्मोनल एनालाइजर, गैस एनालाइजर, इलेक्ट्रोलाइट एनालाइजर सहित कई ऐसी मशीनें हैं जोकि खराब है। इनमें से कुछ का कई सालों से मेनटेनेंस ही नहीं हुआ है। यही कारण है कि सरकारी स्तर पर कई सालों से शुगर, यूरिया, क्रिएटिनिन आदि की जांच नहीं हो पा रही है।
मशीनों के एनुअल मेंटेनेंस न होने के कारण जांच की रिपोर्ट शत प्रतिशत नहीं आ पाती है। इस मामले में सीएमएस डॉ. जेके त्यागी ने बताया कि पैथलैब के लिए कई नई मशीनें आने वाली हैं। इसके अलावा प्राइवेट पैथलैब में जांच की सुविधा शुरू हो जाने के कारण मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जाती।