एमएमजी अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एमएमजी में रोजाना करीब 250 कुत्ते काटने के मरीज आते हैं। रैबीज के इंजेक्शन पिछले दो दिनों से खत्म हैं। दूसरी समस्या आती है पहचान पत्र की। इंजेक्शन लगवाने से पहले पहचान पत्र दिखाना जरूरी होता है।
यदि किसी के पास पहचान पत्र नहीं होता तो डाक्टर उसे लौटा देते हैं। इस बारे में प्रबंधन का कहना है कि वैक्सीन महंगे दाम में शासन से उपलब्ध होती है। वैक्सीन किस मरीज को लगाई गई है, इसकी जांच करने लखनऊ से टीम आती है। इसी कारण पहचान पत्र लाने की सलाह दी जाती है, जिससे उसका सही पता रजिस्टर में दर्ज हो सके।
सीएमएस डॉ. जेके त्यागी ने बताया कि इंजेक्शन शासन से ही सप्लाई होता है। इसकी कमी के बारे में शासन को अवगत कराया जा चुका है।