थाना क्षेत्र के ग्रामीण ने बताया कि उसका 11 वर्षीय बेटा पड़ोसी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। रोजाना की तरह बेटा स्कूल गया था और वहां से दोपहर साढ़े तीन बजे वापस लौट रहा था। उसके साथ गांव में रहने वाला दस वर्षीय बच्चा भी था। दोनों बच्चे एक साथ पैदल घर आ रहे थे। तभी गांव में रहने वाला सचिन बाइक से जा रहा था। सचिन ने दोनों बच्चों को घर छोड़ने के लिए बाइक पर बैठने को कहा।
बच्चों ने इनकार कर दिया। इसके बाद बच्चों को डरा-धमका कर जबरन बाइक पर बैठा लिया। आरोपी ने बाइक नहर की ओर मोड़ ली। बच्चों ने विरोध जताया तो सचिन ने कहा कि उसको कुछ काम है, फिर वह गांव जाएगा। वहीं नहर के पास खेतों में बच्चों को ले गया। जहां आरोपी ने बच्चों को जान से मारने की धमकी देते हुए कुकर्म किया।
इसके बाद वहां से भाग गया। शाम को बच्चे रोते हुए वापस घर आने लगे। जहां कुछ ग्रामीणों ने उनसे रोने का कारण पूछा और घर तक छोड़ने आए। बच्चों ने आपबीती परिवार को बताई। तभी दोनों बच्चों के परिवार अरनिया थाने पहुंचे और संयुक्त रूप से तहरीर दी।
परिजनों की तहरीर पर आरोपी सचिन के खिलाफ धमकी देने और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी बहला फुसलाकर बच्चों को लेकर चला गया था। -भास्कर मिश्रा, सीओ खुर्जा।