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मेट्रो प्रोजेक्ट को लेट करा सकता है अर्थला स्टेशन

Sun, 18 Dec 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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अन्य - फोटो : अमर उजाला
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अर्थला स्टेशन के निर्माण में देरी दिलशाद गार्डन टू नया बस अड्डा मेट्रो प्रोजेक्ट को लेट करा सकती है। अभी तक स्टेशन के लिए जमीन की रजिस्ट्री तक नहीं हुई है जबकि स्टेशन बनने में भी लगभग सवा साल का समय लगता है। बता दें कि जीडीए ने इस रूट पर मेट्रो को दौड़ाने का लक्ष्य दिसंबर 2017 रखा है।
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डीएमआरसी के प्रोजेक्ट मैनेजर का कहना है कि अर्थला मेट्रो स्टेशन निर्माण मामले ने इस प्रोजेक्ट को फंसा दिया है। जिस जमीन पर स्टेशन बनना है, उस पर हजारों पेड़ खड़े हैं। पहले रजिस्ट्री होगी फिर पेड़ काटने के लिए वन विभाग से अनुमति ली जाएगी। इस काम में कम से कम चार महीने का समय लग जाएगा। उसके बाद स्टेशन का निर्माण शुरू होगा।

प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि सात स्टेशनों का स्ट्रक्चर खड़ा कर दिया गया है। शहीदनगर स्टेशन निर्माण का काम पूरा हो गया है जबकि राजबाग स्टेशन पर काम चल रहा है। अगले पखवाड़े राजेंद्र नगर स्टेशन का काम शुरू होगा।   उधर, जीडीए तहसीलदार राजकुमार मित्तल का कहना है कि कुछ तकनीकी दिक्कतों के चलते रजिस्ट्री लेट हुई है।
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शनिवार को ड्राफ्ट को बैंक भेजा गया है। अगले कुछ दिनों में रजिस्ट्री का काम पूरा हो जाएगा। सेल्स टैक्स विभाग की जमीन का अब भी इंतजार  जीडीए ने सेल्स टैक्स विभाग से अर्थला मेट्रो स्टेशन के लिए दो साल पहले करीब 2200 मीटर जमीन मांगी थी। यह जमीन सेल्स टैक्स विभाग के कार्यालय के नाम से है, जो खाली पड़ी है।

यह मामला सेल्स टैक्स विभाग के प्रमुख सचिव के यहां लंबित पड़ा है। इस बारे में जीडीए ओएसडी डीपी सिंह ने कहा कि जीडीए को अभी भी इस जमीन का इंतजार है। जमीन मिल जाएगी तो डीएमआरसी को उपलब्ध करा दी जाएगी।

सरकार चाहती है चुनाव में मेट्रो को भुनाना सूत्रों का कहना है कि सत्तारूढ़ दल चाहता है कि जीडीए के माध्यम से मेट्रो दौड़ाने की घोषणा की तारीख नजदीक कर दी जाए। ताकि सरकार की उपलब्धियों में इसे गिना सकें।

सूत्रों ने यह भी बताया कि पिछले दिनों जीडीए के कुछ सीनियर ऑफिसर ने सरकार को सलाह दी थी कि समय से पहले प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अर्थला को कैंसल कर दिया जाए। इनकी तरफ से यह भी कहा गया था कि मोहन नगर से राजनगर एक्सटेंशन मेट्रो स्टेशन के बीच की दूरी मात्र दो-ढाई किलोमीटर है।

इस बीच में अर्थला स्टेशन नहीं होगा तो स्थानीय यात्रियों को खास फर्क नहीं पड़ेगा। माना जा रहा है कि अर्थला मेट्रो स्टेशन के निर्माण की मांग को लेकर हुए आंदोलन को देखते हुए सरकार ने एक निजी कंपनी की जमीन पर स्टेशन बनाने का फैसला लिया है।
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