कालेजों में रिक्त रह गई यूजी, एसएफ और पीएफसी कोर्स में दाखिले के लिए ओपन मेरिट जारी होगी। इसके लिए मंगलवार को विश्वविद्यालय ने कालेजों को सर्कुलर जारी कर दिया।
वीएमएलजी की प्राचार्या डा. कुसुम त्यागी ने बताया कि विश्वविद्यालय ने ओपन मेरिट के लिए कालेजों को प्रफॉर्मा भरकर भेजने को कहा है।
मसलन कालेज में किस कोर्स की कितनी सीटें रिक्त हैं और रजिस्टर्ड बच्चों में से कितने दाखिला नहीं ले सके। कुसुम त्यागी ने बताया कि बुधवार को कालेज खुलेंगे तो कालेज प्रशासन यह प्रफॉर्मा भर कर विश्वविद्यालय प्रवेश समिति को भेज देगा। इसके बाद विद्यार्थियों को भी पंजीकरण अपडेट करने के लिए समय दिया जाएगा। इसके बाद दाखिले शुरू हो जाएंगे।
शंभू दयाल डिग्री कालेज की प्राचार्या डा. मंजू गोयल ने बताया कि ऐसे विद्यार्थी जो मेरिट में नाम आने के बावजूद किसी कारणवश दाखिला नहीं ले सके। या फिर कालेज में रजिस्टर्ड ऐसे विद्यार्थी जिनका नंबर मेरिट में नहीं आया है। ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए ओपन मेरिट के जरिए दाखिला लेने का बेहतरीन मौका है।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को जारी गाइडलाइन के मुताबिक ओपन मेरिट के दाखिले 19 सितंबर तक होंगे।
वीएमएलजी में एमए इंग्लिश में ओबीसी की सीटें हुई फुल
एक ओर जहां अन्य कालेजों में दाखिलो के लिए यूजी,पीजी की बड़ी संख्या में सीटें खाली हैं। गर्ल्स डिग्री कालेजों में दाखिले के लिए मारामारी मची हुई है। वीएमएलजी में एमए अंग्रेजी में ओबीसी की सीटें फुल हो जाने से छात्राएं बेहद परेशान हैं।कालेज में एमए में कुल 60 सीटें हैं जिसमें ओबीसी की 16 सीटें हैं। ओबीसी की यह सीटें शनिवार को ही फुल हो चुकी थीं।
शनिवार को दाखिला लेने पहुंची छात्राओं को निराश लौटना पड़ा। ऐसे में छात्राओं ने विश्वविद्यालय से कालेज में सीटें बढ़ाने की मांग की है। उधर कालेज प्राचार्या डा. कुसुम त्यागी ने बताया कि एमए में कुल 60 सीटें हैं, इनमें से ओबीसी की सीटें पूरी हो चुकी है। सभी केटेगरी के लिए सीटों का अपना एक प्रतिशत है, इससे अधिक हम लोग नहीं ले सकते।
रिक्त सीटों पर अब जनरल कैटेगरी की छात्राओं के दाखिले लिए जाएंगे। विश्वविद्यालय यदि सीटें बढ़ा देते है तो हमें दाखिला लेने में कोई आपत्ति नहीं।