गाजियाबाद। अब एक ही परिवार के सदस्यों को अलग-अलग मतदेय स्थल पर वोट देने नहीं जाना होगा। यह बातें मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मंगलवार को विकास भवन में आयोजित बैठक में बताईं। उन्होंने निर्वाचक नामावलियों, बीएलओ की नियुक्ति और निरंतर पुनरीक्षण कार्य में लंबित फार्मों की स्थिति की समीक्षा बैठक करते हुए स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अबकी बार एक ही परिवार की वोट अलग अलग मतदेय स्थल पर नहीं होने चाहिए। अक्सर ऐसी शिकायतें आती हैं, जिससे मतदान प्रतिशत पर भी असर पड़ता है।
उन्होंने एक मतदेय स्थल पर अधिकतम 1200 वोट बनाए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईपीआईसी कार्ड के लिए प्राप्त आवेदनों में कमी पाएं जाने पर प्राथमिकता के आधार पर सुधार कराया जाए और शिकायतकर्ताओं की फीडबैक भी लिए जाएं। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद जिले में बहुमंजिला इमारत हैं। इसलिए सोयायटियों में मतदेय स्थल बनाए जाने पर भी गंभीरता से काम करने की जरूरत है। इसकी तैयारी शुरूआत से ही होनी चाहिए। बीते चुनाव में जिन सोसायटियों में मतदेय स्थल बनाए गए, उनके बारे में भी अधिकारियों ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान इस बात का ध्यान रखें कि आवेदक को मतदाता पहचान पत्र ईपीआईसी के रूप में जारी होता है तथा भौतिक पहचान पत्र अधिकतम 45 दिनों में मतदाता को पहुंचाने के लिए स्पीड पोस्ट की जाती है। इस मौके पर जिलाधिकारी दीपक मीणा, अपर जिला अधिकारी रणविजय सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इनसेट:
नए मतदाता कर सकते हैं आवेदन
अधिक से अधिक व्यक्तियों को मतदाता के रूप में पंजीकृत करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग चार तिथियों एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्तूबर निर्धारित हैं। एक जुलाई से अब नए मतदाता जिनकी उम्र 18 हो चुकी है वह ऑनलाइन पोर्टल voters.eci.gov.in या बीएलओ के माध्यम से फार्म- 6 लेकर आवेदन कर सकते हैं।