फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: आंधी-फाल्ट से लंबा ब्रेकडाउन रोकने की तैयारी, साहिबाबाद में लगेंगे ऑटो री-क्लोजर स्विच

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। आंधी और बिजली की लाइन में फाल्ट आने से औद्योगिक इकाइयों को होने वाली बिजली कटौती की समस्या से निजात दिलाने के लिए साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में ऑटो री-क्लोजर स्विच (एआरएस) लगाने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत 20 स्थानों पर ये स्विच लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस परियोजना पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। योजना पर मंथन चल रहा है।
विज्ञापन



यूपीसीडा के अधिशासी अभियंता राजवीर सिंह ने बताया कि एआरएस एक स्वचालित स्विचिंग उपकरण है, जो बिजली की लाइन में फाल्ट आने पर सप्लाई बंद कर देता है। फाल्ट अस्थायी होने और लाइन सुरक्षित होने पर यह निर्धारित प्रक्रिया के तहत बिजली आपूर्ति दोबारा चालू करने का प्रयास करता है। इससे हर बार बिजली कर्मचारियों को मौके पर पहुंचकर सप्लाई बहाल करने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, फाल्ट बने रहने पर सुरक्षा के लिहाज से लाइन बंद रह सकती है।



गर्मियों में ज्यादा होती है परेशानी



उद्यमी चरणजीत सिंह ने बताया कि साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में गर्मियों के दौरान आंधी और अन्य कारणों से बिजली आपूर्ति बाधित होने पर औद्योगिक इकाइयों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार लाइन में फाल्ट आने के बाद सप्लाई बहाल होने में लंबा समय लग जाता है। इससे उत्पादन प्रभावित होने के साथ मशीनों के संचालन और समय पर ऑर्डर पूरा करने में भी दिक्कत होती है। विद्युत आपूर्ति सुचारु होने पर उद्योगों को रफ्तार मिल सकेगी।
विज्ञापन




दो हजार से ज्यादा इकाइयों को मिल सकता है फायदा



यूपीसीडा की योजना के मुताबिक साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में 20 स्थानों पर एआरएस लगाए जाने से दो हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयों को लाभ मिल सकता है। स्विच लगाने का उद्देश्य बिजली आपूर्ति में आने वाले व्यवधान का समय कम करना और अस्थायी फाल्ट के कारण होने वाले लंबे ब्रेकडाउन से राहत दिलाना है। पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों के आधार पर इसकी उपयोगिता का आकलन किया जा सकेगा। यूपीसीडा के अधिशासी अभियंता राजवीर सिंह ने बताया कि प्रस्ताव कानपुर मुख्यालय भेजा जा चुका है। बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें