गृह ऋण की बाकी रकम जारी करने के बदले 50 हजार रुपये मांगने का आरोप
सीबीआई ट्रैप में पकड़े गए थे बैंक के दो कर्मचारी
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। मथुरा की भूतेश्वर स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा से जुड़े कथित रिश्वत मामले में अदालत में सुनवाई गवाह के पेश न होने के कारण आगे नहीं बढ़ सकी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तारीख तय की है। मामला गृह ऋण की शेष रकम जारी करने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप से जुड़ा है।
सीबीआई के मुताबिक, मथुरा के हंसराज नगर निवासी महेश गौतम ने मकान निर्माण के लिए आईसीआईसीआई बैंक की भूतेश्वर शाखा से 10 लाख रुपये का गृह ऋण स्वीकृत कराया था। बैंक की ओर से तीन लाख रुपये की पहली किस्त जारी किए जाने के बाद बाकी रकम रोक दी गई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन ऋण प्रबंधक सोनू सिकरवार ने ऋण की शेष राशि जारी करने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने का दावा करते हुए एजेंसी ने नियमानुसार ट्रैप कार्रवाई की।
सीबीआई का आरोप है कि ट्रैप कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम लेते समय तत्कालीन ऋण प्रबंधक सोनू सिकरवार और बैंक कर्मचारी ऋषव कुमार को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मामले में जांच आगे बढ़ाई गई और प्रकरण अदालत में पहुंचा।
अब मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को गवाह के अदालत में पेश नहीं होने के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। अदालत ने सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तारीख निर्धारित कर दी है। अगली तारीख पर गवाह के बयान दर्ज होने की उम्मीद है। मामला गृह ऋण की रकम जारी करने के बदले कथित रिश्वत मांगने और सीबीआई की ट्रैप कार्रवाई से जुड़ा है।