आग लगने के बाद फैक्टरी कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकालकर दमकल को सूचना दी गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि गाजियाबा, साहिबाबाद, हापुड़, लोनी और गौतमबुद्ध नगर से 10 वाटर टेंडर व फोम टेंडर मंगाए गए। इसके बाद आग बुझाने का काम शुरू किया गया। ऑयल फैक्टरी के केवल एक हिस्से में लगे टिन शेड तक ही आग पहुंच पाई थी, जिसे तुरंत बुझा दिया गया।
वहीं ऑटो पार्ट्स फैक्टरी की आग बुझाने में करीब दो घंटे से भी ज्यादा का समय लगा। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। सीएफओ ने बताया कि शुरुआती जांच में पार्ट्स बनाने की मशीन के ओवरहीट होने की वजह से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी हादसे की जांच के बाद ही स्पष्ट कारण पता चल पाएगा।