गाजियाबाद। फर्जी पर पत्रों के आधार पर सिंडिकेट बैंक से ऋण लेने के आरोपी ने सीबीआई कोर्ट में अपना जुर्म कबूल कर लिया। कोर्ट ने इसके बाद सुनवाई करते हुए दोषी को तीन साल 7 महीने के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार वैशाली स्थित सिंडिकेट बैंक से कपिल कुमार ने फर्जी डॉक्यूमेंट लगाकर वर्ष 2017 में 99 लाख रुपए का रुपए का मकान बनाने के नाम पर लोन लिया था। मामले की शिकायत मिलने पर सीबीआई ने जांच की। जांच में पता चला कि भूखंड पर मकान बनाने के लिए लोन लिया गया है। उक्त भूखंड पर पहले से ही किसी और का मकान बना हुआ है। भूखंड के कागजात आधार कार्ड आदि सब फर्जी पाए गए। इसके बाद सीबीआई ने कपिल समेत 10 लोगों को आरोपी बनाया। साथी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। शुक्रवार को कपिल कुमार ने सीबीआई कोर्ट में उपस्थित होकर अपना जुर्म कबूल कर लिया। कोर्ट से गुहार लगाई कि उसे कम से कम सजा दी जाए। सीबीआई कोर्ट ने सनी के बाद कपिल कुमार को दोषी मानते हुए 3 साल 7 महीने के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त पर कोर्ट ने 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
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