गाजियाबाद। साइबर ठगों ने लालकुआं निवासी एक व्यक्ति को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर उनके बेटे के नशा तस्करी में पकड़े जाने का डर दिखाकर पौने पांच लाख रुपये ठग लिए। पुलिस रिकार्ड से नाम हटाने की एवज में यह धनराशि वसूली गई। घर पहुंचे बेटे ने पिता से बात की तो साइबर ठगी का पता चला। पीड़ित ने वेव सिटी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
लालकुआं स्थित श्रीराम एनक्लेव निवासी रामजनम यादव के मुताबिक 20 फरवरी को उनके पास दो अलग-अलग नंबरों से व्हॉट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने स्वयं को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके बेटे का नाम नशीले पदार्थों की तस्करी में आने की बात कही। साथ ही बेटे का नाम पुलिस रिकॉर्ड से हटाने के एवज में रुपये की मांग की। आरोपियों ने बेटे की आवाज जैसी रिकॉर्डिंग सुनाई तो वह घबराकर उनके झांसे में आ गए। आरोपियों ने यूपीआई के माध्यम से एक लाख रुपये तीन अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए। रामजनम यादव का कहना है कि बेटे को फंसा देखकर आरोपियों के दबाव में वह छपरौला स्थित एचडीएफसी बैंक पहुंचे और आरोपियों के खाते में 2.60 लाख रुपये ट्रांसफर किए। जिस खाते में रकम गई, वह रेहान नाम के व्यक्ति का था। इसके बाद दोपहर में आरोपियों ने एनईएफटी के माध्यम से 1.10 लाख रुपये और ट्रांसफर कराए। कुल 4.70 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। रामजनम यादव ने बताया कि बेटे के घर आने पर उन्होंने सारा घटनाक्रम पूछा तो उसने साफ इन्कार कर दिया। उन्होंने बेटे संग बैंक पहुंचकर मामले की जानकारी ली तो पता चला कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।