मुख्य मार्गों और बाजारों में नालों पर हुआ अतिक्रमण सिर्फ जाम का कारण ही नहीं बनता, शहर को बदसूरत भी बना रहा है। दुकानदारों ने छोटे-बड़े सैकड़ों नालों पर पक्का निर्माण कर पाट दिया है। इसकी वजह से कई नाले करीब एक दशक से साफ नहीं हुए हैं।
इस बार नगर निगम ने मानसून से पहले नालों की सफाई तो शुरू कर दी, लेकिन कवर्ड नालों से अतिक्रमण हटाने का इंतजाम नहीं किया। यानी इस बार भी आधे नाले ही साफ हो पाएंगे और बारिश के दौरान शहर को फिर जलभराव से जूझना पड़ेगा।
गांधी नगर में नालों पर बना ली पार्किंग
शहर के प्रमुख बाजार गांधी नगर में दुकानदारों ने 12-15 चौड़े नाले पर पक्का निर्माण कर लिया है। नाले को इस तरह लेंटर डालकर पाट दिया गया है कि इसकी सफाई करना संभव नहीं है। कई वर्षों से इन नालों की सफाई नहीं हो सकी है। यही नहीं नाले को सड़कों से ऊंचा करके ढक दिया गया है, अब बारिश का पानी नालों की ओर जाने की बजाय सड़कों पर भरा रहता है।
बरसात के दिनों में सबसे ज्यादा जलभराव अब गांधी नगर मार्केट में ही होता है। चंद दुकानदारों की गलतियों का खामियाजा आम लोगों को भी भुगतना पड़ रहा है। यहां भी आधे-अधूरे नाले ही साफ हो पाएंगे।
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नेहरू नगर मार्बल मार्केट
अंबेडकर रोड से नेहरू नगर का मुख्य मार्ग अतिक्रमण की चपेट में मार्बल और सेनेट्री शॉप संचालकों ने दुकानों के बाहर करीब 10-10 फीट अतिक्रमण कर लिया है। नालों को पाटकर फर्श बना दिया गया है। इस मार्ग पर सरस्वती शिशु मंदिर के पास नाला खुला है, लेकिन इसके अलावा पूरे नाले पर पक्का निर्माण कर दिया गया है।
नगर निगम ओपन नाले की सफाई तो करा रहा है, मगर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं कर रहा। ओपन नाले की सफाई भले ही कर दी जाए, लेकिन पक्के नाले के नीचे सिल्ट जमा होने से जल निकासी नहीं हो सकेगी। बरसात के दिनों में फिर जलभराव होगा।
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अंबेडकर रोड नाले को पक्का किया
अंबेडकर रोड पर नगर निगम ने हाल ही में नाला बनाया है, लेकिन अफसरों की ढिलाई से इस नाले पर भी अतिक्रमण हो गया है। बड़े-बड़े शोरूमों के बाहर नाले को पक्का कर दिया गया है। नाला ढका होने की वजह से सिल्ट नहीं निकाली जा सकती।
चंद दुकानदारों ने नालों पर जाली डाली हुई है, लेकिन अधिकांश दुकानों के बाहर स्लैब डालकर पूरी तरह ढक दिया गया है। बरसात के दिनों में बड़ा नाला भर जाने से कालोनियों में भी पानी बैक मारने लगता है।
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अतिक्रमण हटाया नहीं, दूसरा नाला बनाने की तैयारी
शहर के पहले व्यवस्थित बाजार नवयुग मार्केट को जीडीए ने दिल्ली के कनॉट प्लेस की तर्ज पर डेवलप किया था। दुकानों के बाहर पैदल चलने वाले ग्राहकों के लिए गैलरी बनाई थी, लेकिन इस पर अतिक्रमण हो गया। नालों को पूरी तरह पाट दिया गया है। वर्षों से यहां नालों की सफाई नहीं हुई है।
यही वजह है कि बरसात के दिनों में सबसे ज्यादा जलभराव नवयुग मार्केट में ही होता है। नगर निगम ने नालों को अतिक्रमण मुक्त कराने की बजाय अब 1.70 करोड़ की लागत से नया ड्रेनेज सिस्टम डेवलप करने का प्रस्ताव पास कर दिया। जल्द ही यहां निर्माण शुरू होने वाला है।
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बरसात से पहले नाले साफ कराने के दौरान अतिक्रमण हटाया जाएगा। व्यापारी वर्ग के लोगों से वार्ता की जाएगी। उनका सहयोग लेकर ही सफाई कराई जाएगी। नाले अतिक्रमण मुक्त होंगे तो पूरे शहर के लोगों को ही फायदा होगा, इनमें व्यापारी भी शामिल हैं। - अब्दुल समद, नगरायुक्त