मुरादनगर। पाइपलाइन मार्ग पर मकरेड़ा गांव के निकट डम्पिग ग्राउंड के विरोध में रविवार को महापंचायत बुलाई गई थी। महापंचायत में अपर नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद पंद्रह दिन से चल रहा महायज्ञ समाप्त हो गया। 17 दिसंबर से महायज्ञ चल रहा था। मौके पर पहुंची नगर निगम की टीम के आश्वासन के बाद किसानों ने महायज्ञ समाप्त कर दिया।
गाजियाबाद नगर निगम द्वारा तीन वर्ष से मुरादनगर पाइपलाइन मार्ग पर भिक्कनपुर मकरेड़ा गांव के निकट शहर का कूड़ा डाला जा रहा था। जिससे कूड़े का पहाड़ बन गया। जिसकी दुर्गंध से ग्रामीणों का मार्ग से निकलना दूभर हो गया। इतना ही नहीं लोग जानलेवा बीमारियों के शिकार होने लगे।
महापंचायत में जुटे 16 गांव के किसान
17 दिसंबर से विकास संघर्ष समिति ने नगर निगम द्वारा बनाए गए डंपिंग ग्राउंड के विरोध में मकरेड़ा गांव के निकट महायज्ञ शुरू किया। समिति द्वारा 31 दिसंबर को यज्ञ स्थल पर महापंचायत बुलाई गई। जिसमें कई किसान संगठनों और प्रभावित 16 गांव के हजारों लोगों ने भाग लिया। महापंचायत सुबह 11 बजे शुरू हुई शाम 4 बजे तक चली। महापंचायत में किसान यूनियन, रालोद, कांग्रेस से जुड़े लोगों ने अपनी अपनी बाते रखी और विकास संघर्ष समिति को अपना सहयोग देने की घोषणा की। नगर निगम की गाड़ियों को रोकने पर पिछले दिनों 30 किसनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इससे विरोध और बढ़ गया था किसानों ने निगम की गाड़ियों को रोक दिया था। 27 दिसंबर को नगर आयुक्त और किसान प्रतिनिधियों के बीच वार्ता में किसानों ने एफआईआर वासस लेने की मांग की थी।
अपर नगर आयुक्त ने एफआईआर वापस लेने की घोषणा की
महापंचायत में पहुंचे अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव ने मंच से घोषणा की कि जिन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है, कंपनी के अधिकारी रिपोर्ट वापस लेंगे। इसके अलावा तीन- चार माह में नगर निगम दूसरी भूमि को चिन्हित कर कूड़ा वहां डालने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने कहा कि मकरेड़ा गांव के निकट जो कूड़ा डाला गया है उसका निस्तारण शीघ्र कर दिया जाएगा। वर्तमान में कार्य कर रही फर्म को ठोस अपशिष्ट के प्रसंस्करण में तेजी लाने के लिए अपनी मशीनों की संख्या बढ़ाने के लिए निर्देश दिए गए, विभागीय अधिकारियों को समय- समय पर उक्त साइट का निरीक्षण कर टूटी सड़क व नाले की सफाई आदि समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराए जाने के लिए निर्देशित किया। गाजियाबाद नगर निगम और विकास संघर्ष समिति के पदाधिकारी के बीच आम सहमति के बाद धरना समाप्त करने की घोषणा की गई। महापंचायत की अध्यक्षता आजाद प्रमुख ने की। गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन अमरजीत सिंह बिडडी, रूपचंद नागर, मनोज नागर, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजयपाल, पूनम पंडित, रालोद जिलाध्यक्ष अमित त्यागी सरना, कुंवर अयूब अली, एडवोकेट डॉ. बबली गुर्जर, सलेक भईया, बाबू सिंह आर्य, शिवराज त्यागी, वंदना सिंह आदि ने महापंचायत को संबोधित किया। जबकि गाजियाबाद नगर निगम से अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव, संयुक्त नगर आयुक्त ओमप्रकाश, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मिथलेश सिंह, प्रभारी प्रवर्तन कर्नल दीपक सरन, जोनल स्वास्थ्य अधिकारी ओमपाल, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक पवन कुमार आदि मौजूद रहे।
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