इंदिरापुरम स्थित महागुन मेनसन सोसायटी की दीवार गिरी, मलबे में दबी कार।
इंदिरापुरम। दोपहर करीब साढ़े चार बजे महागुन मेंशन की लगभग 10 फुट ऊंची ओर 60 फीट लंबी दीवार अचानक से भरभराकर गिर पड़ी। दीवार गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास खड़े लोगों में चीख-पुकार मच गई, लेकिन गनीमत रही कि इस दीवार की चपेट में कोई नहीं आया। दीवार का मलबा किनारे लगी चार गाड़ियों पर गिरा। चारों वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। इस दौरान गाड़ियों के चालक गाड़ी लगाकर आसपास ही ढाबे पर खाना खा रहे थे, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। दीवार यदि सोसायटी के अंदर की ओर गिरती तब भी जानमाल का नुकसान होता।
दीवार गिरने की सूचना पर पहुंची पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने कारों के ऊपर से मलबा हटाया। सोसायटी की चारदीवारी के पास से नाला जा रहा है। सोसायटी के लोगों का कहना है कि नाले का पानी लगातार दीवार में जा रहा थ, लेकिन एओए ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। मेंटेनेंस न होने की वजह से यह हादसा हुआ। नाले का पानी दीवार की नींव में रिस रहा था, इस वजह से इसकी नींव कमजोर हो गई। बुधवार करीब साढ़े बजे चार टैक्सी चालकों ने अपनी कार दीवार के पास खड़ी कर पास के ढाबे में ही खाना खाने चले गए। टैक्सी चालकों ने दीवार गिरने के लिए जिम्मेदार लोगों से क्षतिग्रस्त कार की भरपाई करने की मांग की है। वहीं इस संबंध में आरडब्ल्यूए पदाधिकारी कुछ भी नहीं बोले। आरडब्ल्यूए के बोर्ड सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह मामला आरडब्ल्यूए के अंदर आता है, लेकिन अंदर की ओर पेड़ लगे होने की वजह से दीवार कमजोर हो रही है, इसका पता नहीं चल सका। वहीं इंदिरापुरम थाना प्रभारी देवपाल सिंह पुंडीर का कहना है कि तीन कैब क्षतिग्रस्त हुई हैं और सोसायटी के लोगों से बात कर अन्य वाहनों के बारे में पता किया जा रहा है।
आरडब्ल्यूए को ठहराया जिम्मेदार
दीवार गिरने के बाद महागुन मेंशन मार्केट के व्यापारियों एवं राहगीरों के साथ ही सोसायटी के लोगों ने इसका जिम्मेदार आरडब्ल्यूए को ठहराया। लोगों ने कहा कि सोसायटी के अंदर से यदि दीवार गिरती तो कई बच्चे घायल हो सकते थे। वहीं व्यापारी किशोर ठाकुर का कहना है कि दीवार का नियमित मेंटेनेंस होता रहता तो यह नौबत नहीं आती। जीडीए के अधिकारियों को भी नाला ठीक कराना चाहिए।
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